बिलासपुर…नाबालिग के हाथ में कार की चाबी थमाना सिर्फ नियमों का उल्लंघन नहीं, सड़क पर दूसरों की जिंदगी को खतरे में डालने वाला फैसला भी साबित हो सकता है। सरकंडा क्षेत्र में नाबालिग द्वारा कार चलाते समय हुए सड़क हादसे के मामले में पुलिस ने अब वाहन मालिक के खिलाफ भी मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। हादसे में बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हुआ था। पुलिस ने दुर्घटना में इस्तेमाल सफेद मारुति सुजुकी स्विफ्ट कार जब्त कर ली है।

बाइक को टक्कर, युवक अस्पताल में भर्ती

पुलिस के अनुसार, घटना 12 अक्टूबर को दोपहर करीब 3:30 बजे स्वर्णिम एरा और गीतांजलि सिटी के पास हुई। सिरगिट्टी क्षेत्र की अन्नपूर्णा कॉलोनी, गणेश नगर निवासी साहिल खान ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके बड़े भाई समीर खान मोटरसाइकिल से काम पर जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही स्विफ्ट कार के चालक ने तेज और लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए बाइक को टक्कर मार दी।

हादसे में समीर के बाएं पैर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। उन्हें उपचार के लिए बिलासपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। शिकायत के आधार पर सरकंडा पुलिस ने अपराध दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की।

नाबालिग चला रहा था कार, गाड़ी जब्त

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि दुर्घटना के समय कार नाबालिग चला रहा था। पुलिस ने नाबालिग के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की और उसे जमानत मुचलके पर रिहा किया। इसके बाद वाहन मालिक ओमप्रकाश श्रीवास, निवासी स्वर्णिम एरा, सरकंडा के कब्जे से दुर्घटना में इस्तेमाल कार सीजी 10 बीई 1235, उसकी चाबी और दस्तावेज जब्त कर लिए गए।

मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 और 125(क) के साथ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 3/181, 4/181 और 5/180 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।

चाबी सौंपने वालों की जिम्मेदारी

इस घटना ने नाबालिगों को वाहन सौंपने की प्रवृत्ति पर सवाल खड़े किए हैं। कम उम्र में कार या मोटरसाइकिल चलाने देना कई परिवारों में सामान्य बात मान ली जाती है, लेकिन सड़क पर किसी की गलती की कीमत दूसरे व्यक्ति को चोट और अस्पताल के रूप में चुकानी पड़ सकती है। वाहन चलाने की अनुमति देने वालों की जिम्मेदारी भी इसी कारण महत्वपूर्ण है। बहरहाल मामले में पुलिस ने वाहन मालिक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कार जब्त की है।