बिलासपुर… छत्तीसगढ़ की न्यायधानी कहे जाने वाले बिलासपुर में एक बड़ा शहरी विकास घोटाला उजागर हुआ है। नगर निगम और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (TCP) विभाग के कुछ अधिकारियों ने मिलकर बीते 10 वर्षों में योजनाबद्ध तरीके से फर्जी दस्तावेजों के जरिए सैकड़ों नक्शे और ले-आउट पास किए। जांच में इस संगठित फर्जीवाड़े की परतें अब खुलने लगी हैं।

फर्जी आर्किटेक्ट, असली मंजूरियां

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शहर में निर्माण कार्यों की अनुमति देने वाले विभाग ने ‘विकास सिंह’ नामक एक फर्जी आर्किटेक्ट के नाम पर 400 से अधिक नक्शे और 150 से ज्यादा ले-आउट स्वीकृत कर दिए। चौंकाने वाली बात यह है कि ऐसे किसी आर्किटेक्ट का अस्तित्व ही नहीं है। जिस मोबाइल नंबर से लाइसेंस रजिस्टर किया गया था, वह किसी मयूर गेमनानी नामक व्यक्ति का है।

एक्शन से खुली परतें

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13 मई को नगर निगम ने जब पुराना बस स्टैंड के पास स्थित महुआ होटल पर अवैध निर्माण को लेकर बुलडोज़र चलाया, तब इसका नक्शा ‘विकास सिंह’ के नाम से स्वीकृत पाया गया। जब दस्तावेजों की जांच हुई, तो पता चला कि नक्शे की सभी शर्तों का उल्लंघन हुआ हैl  ओपन स्पेस और पार्किंग की जगह पर भी निर्माण किया गया।

इस होटल केस की पड़ताल में नगर निगम ने जब आर्किटेक्ट विकास सिंह के लाइसेंस को 24 जुलाई 2025 को ब्लैकलिस्ट किया, तो इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स ने स्पष्ट किया कि इस नाम का कोई भी व्यक्ति उनके रिकॉर्ड में पंजीकृत नहीं है।

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एक ही दिन में मंजूर हुईं 29 फाइलें

इस घोटाले में शामिल अधिकारियों की पहुँच और ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक ही दिन में 29 ले-आउट फाइलों को मंजूरी दिलवा दी गई। यह काम बिना अंदरूनी मिलीभगत के संभव नहीं।

घोटाले का गणित: नक्शा-लेआउट पास में मोटी कमाई

नगर निगम के अनुसार, 1 एकड़ ज़मीन के रिहायशी ले-आउट पास कराने में 75,000 से 2.5 लाख रुपये तक का खर्च आता है। वहीं 1000 वर्गफुट के मकान के नक्शे के लिए 8,000 से 20,000 रुपये तक लगते हैं। सोचने वाली बात है कि 400 नक्शे और 150 ले-आउट पास करने में किस स्तर की ‘कमाई’ हुई होगी — वो भी बिना असली आर्किटेक्ट के!

सिंडिकेट पर गहराया शक, EOW से जांच?

नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि  घोटाले की FIR और कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा रही है । मामला जल्द ही आर्थिक अपराध अन्वेषण को सौपा जा सकता है ।टाउन एंड कंट्री और नगर निगम के कई बड़े नाम जांच के घेरे में है।  जल्द ही बड़े खुलासे संभव है।