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Chhattisgarh

“गरीबों का राशन बारिश में बर्बाद: “तौल के बाद तैरता रहा 7 ट्रक चावल..जिम्मेदारी पर सन्नाटा

“गोदाम में भीगा अनाज, जिम्मेदारी पर सन्नाटा: देबीगंज में लाखों का पीडीएस चावल खराब”

बलरामपुर.. (पृथ्वी लाल केसरी) स्थित एफसीआई गोदाम में सार्वजनिक वितरण प्रणाली का करीब 7 ट्रक चावल बारिश में भीग गया। लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है। जिस अनाज को हितग्राहियों तक पहुंचना था, वह खुले परिसर में भीगता रहा। जिले में पहले से राशन वितरण की रफ्तार सुस्त है, ऐसे में यह घटना व्यवस्था पर सीधा प्रहार करती है।

राइस मिलों से कुटाई के बाद चावल वेयरहाउस परिसर में लाया गया। कांटा तौल की प्रक्रिया पूरी हुई, लेकिन बोरे गोदाम के अंदर शिफ्ट नहीं किए गए। स्टॉक खुले में पड़ा रहा और अचानक हुई बारिश ने उसे भिगो दिया। तस्वीरों में बोरे गीले दिखे, कई जगह चावल नीचे गिरता नजर आया।

वेयरहाउस प्रभारी वीरसाय लकड़ा ने जिम्मेदारी से किनारा करते हुए कहा कि परिसर में पड़ा चावल वेयरहाउस की जिम्मेदारी नहीं, मिलरों की है। उनका तर्क है कि चावल सीधे अंदर डंप होना चाहिए था और उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार प्रक्रिया चल रही थी।

राइस मिलर संघ के अध्यक्ष रूपेश मित्तल ने पलटवार किया। उनका कहना है कि कांटा तौल के बाद मिलर की जिम्मेदारी समाप्त मानी जाती है। स्टॉक जब वेयरहाउस कंपाउंड में पहुंच चुका था तो उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रबंधन की बनती है। मिलरों ने यह भी आरोप लगाया कि ट्रकों को लंबे समय तक खड़ा रखा जाता है और अनलोडिंग में देरी की जाती है, जिससे जोखिम बढ़ता है।

जिले में जनवरी में करीब 60 प्रतिशत हितग्राहियों को ही चावल मिल पाया। फरवरी में भी वितरण पूरी तरह पटरी पर नहीं लौटा। ऐसे समय में 7 ट्रक चावल का भीगना महज संयोग नहीं, प्रशासनिक लापरवाही का संकेत माना जा रहा है।

अब सवाल सीधे और लगातार खड़े हैं—तौल के बाद स्टॉक को तुरंत अंदर क्यों नहीं रखा गया, क्या मौसम की चेतावनी के बावजूद कोई तैयारी नहीं थी, खुले में पड़े लाखों के राशन की निगरानी किसने की, नुकसान की भरपाई कौन करेगा, क्या भीगे चावल की गुणवत्ता जांच होगी या उसे अलग किया जाएगा, और सबसे अहम—जिम्मेदारी किस पर तय होगी।

मामला जिला प्रशासन के संज्ञान में है। जांच के संकेत मिल रहे हैं। लेकिन जब तक जवाब और कार्रवाई सामने नहीं आती, देबीगंज गोदाम की यह तस्वीर जिले की राशन व्यवस्था पर भारी सवाल बनकर खड़ी रहेगी।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।
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