बिलासपुर…राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के अंतर्गत आयोजित ‘दीदी के गोठ’ वार्षिकोत्सव गुरुवार को आत्मनिर्भरता, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण उद्यमिता का उत्सव बन गया। कृषि महाविद्यालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय वर्चुअल माध्यम से जुड़े और स्व-सहायता समूहों की महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें स्वरोजगार, उद्यमिता और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया। कार्यक्रम में बिलासपुर संभाग के विभिन्न जिलों से करीब 500 स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने भाग लिया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनकर विकास यात्रा की अग्रिम पंक्ति में खड़ी हों। उन्होंने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से नवाचार, स्वरोजगार और उद्यमिता को अपनाते हुए अपने उत्पादों को नई पहचान दिलाने का आह्वान किया।

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मुख्य अतिथि विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि ‘बिहान’ की दीदियां आत्मनिर्भर भारत की मजबूत आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब देश की आधी आबादी आर्थिक रूप से सशक्त होगी। महिलाओं को उत्पादों की गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग और आधुनिक तकनीक पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, ताकि स्थानीय उत्पाद राष्ट्रीय बाजार में अपनी अलग पहचान बना सकें। उन्होंने तखतपुर की एक स्व-सहायता समूह द्वारा तैयार की जा रही आइसक्रीम का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसे नवाचार ग्रामीण उद्यमिता की नई मिसाल हैं और प्रशासन इन्हें हरसंभव सहयोग देगा।

जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी ने कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रहे हैं। बिहान से जुड़कर महिलाओं ने न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है, बल्कि समाज में सम्मानजनक पहचान भी बनाई है। उन्होंने समूहों के उत्पादों को बड़े बाजारों से जोड़ने के प्रयास तेज करने की बात कही।

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कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि जिला प्रशासन महिलाओं को प्रशिक्षण, ब्रांडिंग, विपणन और विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और महिला उद्यमों को आगे बढ़ाने में हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल ने बताया कि बिलासपुर जिले में ‘बिहान’ के माध्यम से अब तक 73 हजार महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया जा चुका है। प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़कर महिलाओं को सेंटरिंग, छत ढलाई और अन्य निर्माण कार्यों में भी रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए जिला प्रशासन निरंतर प्रयासरत है।

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कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया। विभिन्न समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों में स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। कई महिलाओं ने मंच से अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया कि ‘बिहान’ से जुड़ने के बाद उनके जीवन में आर्थिक और सामाजिक बदलाव आया है तथा वे आज अपने परिवार की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष ललिता संतोष कश्यप, जिला पंचायत सभापति डॉ. गोविंद यादव एवं अंबिका साहू, जनपद पंचायत कोटा, तखतपुर और मस्तूरी के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा बिलासपुर संभाग के विभिन्न जिलों से आई बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित थीं।