बिलासपुर…सात साल पहले जब सिरगिट्टी नगर निगम में शामिल हुआ था, तब लोगों को लगा था कि अब यहां सड़कें बनेंगी, नालियां बनेंगी, स्ट्रीट लाइट जलेगी और सुनियोजित विकास होगा। लेकिन आज वार्ड क्रमांक-10 में विकास से ज्यादा चर्चा जमीन के कारोबार की है। जहां कभी खेतों की हरियाली दिखाई देती थी, वहां अब प्लॉटों के बोर्ड, अधूरी कॉलोनियां और तेजी से उगते मकानों का जंगल नजर आता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर यह सब किसकी निगरानी में हो रहा है?

रेलवे लाइन से नगपुरा मार्ग तक बदल गया भूगोल

रेलवे कॉलोनी क्षेत्र से वन्नाक चौक होते हुए नगपुरा जाने वाली मुख्य सड़क के दाहिने हिस्से में फैला वार्ड क्रमांक-10 कभी कृषि प्रधान क्षेत्र माना जाता था। स्थानीय बुजुर्ग बताते हैं कि छह-सात वर्ष पहले तक यहां दूर-दूर तक खेत, मेड़ और पेड़ दिखाई देते थे। आज उसी जमीन पर कॉलोनियों और प्लॉटिंग का जाल फैला नजर आता है।

2300 से 6500 रुपये वर्गफीट तक पहुंची जमीन

जिस जमीन पर कभी फसल बोई जाती थी, आज वहीं जमीन शहर के विकसित इलाकों की तर्ज पर बेची जा रही है। स्थानीय संपत्ति कारोबार से जुड़े लोगों के अनुसार मुख्य मार्ग से लगी जमीनों की कीमत 2300 से 6500 रुपये प्रति वर्गफीट तक पहुंच चुकी है। खरीदारों को भविष्य में नक्शा और डायवर्सन जैसी औपचारिकताएं पूरी होने का भरोसा भी दिया जा रहा है।

मकान पहले, सड़क और नाली बाद में!

क्षेत्र में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि कई जगह मकान बन चुके हैं, लोग रहने भी लगे हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। कई हिस्सों में न सड़क है, न नाली और न ही व्यवस्थित जल निकासी। बरसात में जलभराव की शिकायतें हर साल सामने आती हैं। इसके बावजूद नई प्लॉटिंग और निर्माण कार्य लगातार जारी हैं।

कॉलोनियां बढ़ीं, सवाल भी बढ़े

भार्गव वाटिका, एनुअल वाटिका, महामाया विहार समेत कई नाम स्थानीय स्तर पर चर्चा में हैं। वहीं कई नई बसाहटें ऐसी भी हैं जिनका कोई आधिकारिक नाम तक सामने नहीं आया है, लेकिन वहां जमीन की खरीद-फरोख्त और निर्माण कार्य जारी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई जगहों पर जमीन की वैधानिक स्थिति स्पष्ट हुए बिना भी प्लॉट बेचे जा रहे हैं।

सबको दिख रहा, जिम्मेदारों को क्यों नहीं?

स्थानीय लोगों का सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब खुलेआम प्लॉटिंग हो रही है, निर्माण सामग्री पहुंच रही है, मकान बन रहे हैं और करोड़ों रुपये का कारोबार चल रहा है, तो जिम्मेदार विभागों की नजर आखिर इस क्षेत्र पर क्यों नहीं पड़ रही? यदि सब कुछ नियमों के तहत है तो सुविधाएं क्यों नहीं हैं, और यदि नियमों के विरुद्ध है तो कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?

कमिश्नर ने कहा— जांच होगी

नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे ने कहा कि मामले की जानकारी मिली है। क्षेत्र का निरीक्षण कराया जाएगा और यदि कहीं नियमों का उल्लंघन पाया गया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि हाल ही में जोन स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है और नई व्यवस्था के तहत निगरानी को और मजबूत किया जाएगा।