TET।उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (स्पेशल टीईटी-2026) मंगलवार को प्रदेश के छह मंडल मुख्यालयों पर सुचारू रूप से संपन्न हुई, जिसमें कुल पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 87.92 प्रतिशत ने हिस्सा लिया। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।

बयान के अनुसार, परीक्षा की निगरानी के लिए पहली बार कृत्रिम मेधा (एआई) से लैस नियंत्रण एवं कमान कक्ष के जरिए सभी परीक्षा केंद्रों पर लगे कैमरों से निगरानी की गई। इस दौरान लखनऊ के एक केंद्र पर किसी अन्य अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दे रहा एक फर्जी परीक्षार्थी भी पकड़ा गया।

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि परीक्षा प्रयागराज, लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ और आगरा के निर्धारित केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित की गई।

कक्षा एक से पांच के लिए प्रथम पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा कक्षा छह से आठ के लिए द्वितीय पाली की परीक्षा पूर्वाह्न 2:30 बजे से शाम पांच बजे तक हुई। उन्होंने बताया कि परीक्षा सभी केंद्रों पर निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई।

बयान में बताया गया कि परीक्षा की निगरानी के दौरान लखनऊ के स्टेशन रोड स्थित बप्पा श्री नारायण वोकेशनल इंटर कॉलेज में एक फर्जी परीक्षार्थी पकड़ा गया, जो किसी अन्य अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा दे रहा था। उसे कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंप दिया गया।

आयोग के उप सचिव संजय सिंह ने बताया कि दोनों पालियों में कुल 93,681 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। प्रथम पाली में कक्षा एक से पांच के लिए पंजीकृत 58,353 अभ्यर्थियों में से 50,666 ने परीक्षा दी। वहीं, द्वितीय पाली में कक्षा छह से आठ के लिए पंजीकृत 48,194 अभ्यर्थियों में से 43,015 ने परीक्षा दी।

कुमार ने कहा कि प्रदेश के सभी निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई। उन्होंने परीक्षा के सफल आयोजन के लिए संबंधित मंडलों और जिलों के प्रशासन तथा पुलिस के सहयोग की सराहना की।

उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में तकनीक के इस्तेमाल और इसे निष्पक्ष एवं नकल मुक्त बनाने की यह व्यवस्था मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुशासन और पारदर्शिता संबंधी प्राथमिकताओं के अनुरूप एक महत्वपूर्ण कदम है।