बिलासपुर.. तखतपुर विधानसभा क्षेत्र के कुरेली गांव में करंट की चपेट में आने से युवक की मौत के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों द्वारा बिजली विभाग के कर्मचारी के साथ मारपीट और झूमाझटकी के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं, शांति व्यवस्था बिगड़ने की आशंका पर कुछ अन्य युवकों के खिलाफ भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। लेकिन अब सवाल उठ रहा है कि जिस बिजली विभाग की कथित लापरवाही से युवक की जान गई, उसके जिम्मेदारों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई?

इसी मुद्दे को लेकर तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह आज पुलिस कप्तान कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एसएसपी से मुलाकात कर कुरेली के ग्रामीणों की पीड़ा और उनकी मांगों को सामने रखा। लिखित शिकायत सौंपने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि करंट की चपेट में आकर युवक की मौत के बाद गांव में आक्रोश स्वाभाविक था। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। इस दौरान कर्मचारी के साथ मारपीट की घटना हुई, जिस पर पुलिस ने कानून-व्यवस्था के मद्देनजर कार्रवाई की। लेकिन अब मूल सवाल यह है कि युवक की मौत के लिए जिम्मेदार विभागीय लापरवाही पर प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं?

धर्मजीत सिंह ने कहा कि एक परिवार ने अपना सदस्य खोया है। यदि युवक की मौत बिजली विभाग की लापरवाही के कारण हुई है तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। घटना के बाद मारपीट के मामले में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की, लेकिन बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? आखिर विभागीय जवाबदेही तय करने में देरी किस वजह से हो रही है? उन्होंने कहा कि इतनी गंभीर लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जा सकती।

विधायक ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य कानून-व्यवस्था की कार्रवाई का विरोध करना नहीं है, बल्कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना और बिजली विभाग की जवाबदेही तय कराना है। उन्होंने किसी तरह के घेराव की चेतावनी देने से भी इनकार किया। उनका कहना था कि वे प्रशासन के साथ बैठकर यह जानना चाहते हैं कि आखिर युवक की मौत के मामले में जिम्मेदार विभाग के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई है।

इस दौरान भाजपा के जिला उपाध्यक्ष संतोष कौशिक सहित विधायक के समर्थक भी मौजूद थे।