रायपुर।छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नागरिक सुविधाएं आने वाले दिनों में पूरी तरह ठप हो सकती हैं। सफाई कर्मियों और ठेकेदारों के बाद अब नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी भी अपनी लंबित मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई के मूड में आ गए हैं।

नई नगर निगम सभा के सत्तासीन होने के एक साल बीत जाने के बाद भी समस्याओं का समाधान न होने से नाराज ‘एकता संघ’ ने प्रशासन को कड़ा अल्टीमेटम दे दिया है। संघ ने ‘प्लेसमेंट कर्मचारी कल्याण संघ’ के पुरजोर समर्थन के साथ अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर 18 जून 2026 को सामूहिक अवकाश पर जाने और ‘काम बंद, कलम बंद’ आंदोलन करने का आक्रामक फैसला किया है। इस दौरान कर्मचारी एक विशाल रैली निकालकर प्रशासन को अपना ज्ञापन भी सौंपेंगे।

प्रशासनिक स्तर पर अपनी आवाज बुलंद करने के लिए निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने पिछले तीन दिनों से काली पट्टी बांधकर दफ्तरों में काम किया और अपना विरोध दर्ज कराया।

इसके बावजूद शासन और प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक पहल न होने के कारण कर्मचारियों का आक्रोश सातवें आसमान पर पहुंच गया है।

कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने साफ कर दिया है कि यदि 18 जून के इस सांकेतिक आंदोलन के बाद भी उनकी जायज मांगें पूरी नहीं की गईं, तो सभी निगम अधिकारी और कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।

आंदोलन की रूपरेखा तय होने के बाद संघ के प्रमुख पदाधिकारियों ने रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे से मुलाकात कर उन्हें 18 जून को होने वाली ‘काम बंद, कलम बंद’ हड़ताल की आधिकारिक सूचना और मांग पत्र सौंप दिया है।

इस संवेदनशील मामले पर नगर निगम सभापति सूर्यकांत राठौड़ ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कर्मचारियों की सभी प्रमुख मांगों को अत्यंत महत्वपूर्ण और जायज बताया है। सभापति ने राज्य शासन से इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और इनका शीघ्र समाधान निकालने का विशेष निवेदन किया है।

इसके साथ ही, उन्होंने आंदोलनकारी कर्मचारियों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे जनहित और शहर की जनता को ध्यान में रखते हुए बातचीत और संवाद का मार्ग अपनाएं, ताकि आवश्यक नागरिक सेवाएं प्रभावित न हों और शहरवासियों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।