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Madhya Pradesh

छत पर चढ़ी भैंस … नीचे लाने में चकराया प्रशासन ! फिर क्या हुआ पढ़े ख़बर “

सिंगरौली…“भैंस के आगे बीन बजाने” का ज़माना गया… अब भैंस को छत पर चढ़ाओ और सोशल मीडिया पर वायरल हो जाओ!

सिंगरौली जिले के बरगवां थाना क्षेत्र के दादर गांव में एक ‘बुद्धिजीवी भैंस’ ने ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिससे पूरा गांव ही नहीं, इंटरनेट की जनता भी हैरान है। जी हां, यहां एक भैंस अंधेरे में चुपचाप सीढ़ियों से चढ़कर मकान की छत पर जा पहुंची और जैसे ही लोगों की सुबह उस पर पड़ी, वे भौचक्के रह गए – “अरे! भैंस ऊपर कैसे?”

ऊँचाई से भैंस का मोह’: उतरने से किया  इनकार!

घटना रामसूरत यादव के घर की है, जहां भैंस को पता नहीं क्या सूझा, उसने रात में छत पर चढ़कर खुले आसमान के नीचे रात्रि विश्राम करना उचित समझा। शायद उसे गर्मी लग रही थी, या गांव की गायों से ऊँचाई पर बैठने की होड़ थी — वजह तो वही जानें! लेकिन जब घरवाले सुबह उठे तो छत पर बैठी ‘शाही भैंस’ को देख उनके होश उड़ गए।

नीचे लाने की लाख कोशिशें की गईं। कभी पुचकारा गया, कभी चारा दिखाया गया, यहां तक कि भैंस के फेवरिट गीत “लाल घाघरा” तक बजाए गए — लेकिन भैंस टस से मस नहीं हुई। उसे तो VIP ट्रीटमेंट चाहिए था।

हाइड्रा बुलाओ!’ – ग्रामीणों का रेस्क्यू प्लान

आख़िरकार, मान-मनौव्वल से थककर ग्रामीणों ने प्रशासन की मदद ली और फिर मौके पर पहुंची हाइड्रा मशीन। काफी सोच-विचार और गणित लगाकर भैंस को हाइड्रा से बांधा गया और सावधानीपूर्वक नीचे उतारा गया — बिल्कुल किसी फिल्मी हीरोइन की तरह, जो हेलिकॉप्टर से उतरे।

पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन का वीडियो किसी होशियार ग्रामीण ने बना लिया, और इंस्टाग्राम से लेकर फेसबुक तक ‘भैंस एयरलिफ्ट’ ट्रेंड करने लगी

भैंस की ऊँचाई वाली सोच’ ने जीता जीत 

गांव के बुजुर्गों का मानना है कि “आज तक हमने गाय को गोद में उठाया, बैल से हल चलवाया, पर भैंस को हाइड्रा से उतारते पहली बार देखा है!” वहीं बच्चों में अब नया खेल शुरू हो गया है — “छत पर भैंस कौन चढ़ाएगा?

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।
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