Teejan Bai Chhattisgarh।रायपुर। अंतरराष्‍ट्रीय पंडवानी गायिका पद्म विभूषण तीजन बाई आज ने रविवार तड़के सवा तीन बजे एम्स में अंतिम सांस ली। उनका आज अंतिम संस्कार गनियारी में होगा। तीजन बाई का पिछले कुछ महीनों से एम्स में इलाज चल रहा था।

मीडिया रिपोर्ट अनुसार पंडवानी में गायिका खुद ही एकल कलाकार बनकर पूरी महाभारत की कहानी गाती और अभिनय करती थी।

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तीजन बाई “वेदमती शैली” की सबसे बड़ी कलाकार मानी जाती थीं।तम्बूरे के साथ वो भीम, अर्जुन, द्रौपदी सबके किरदार निभाती थीं। उसकी गायन शैली को लेकर भारत सरकार ने पद्मश्री – 1987, पद्मभूषण – 2003, पद्मविभूषण – 2019, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार – 1995 में मिल चुके थे। वो देश-विदेश में 1000+ मंचों पर पंडवानी प्रस्तुत कर चुकी थीं।

पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. तीजन बाई के निधन पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “तीजन बाई का निधन हो गया है, जो पद्म विभूषण और पद्मश्री से नवाजी गई थीं। उन्होंने पूरे देश और दुनिया में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया था। हम उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं…”

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जानकारी के अनुसार, तीजन बाई पिछले काफी समय से अस्वस्थ थीं और रायपुर एम्स के आईसीयू (ICU) में पिछले 38 दिनों से उनका इलाज चल रहा था। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी सेहत में सुधार नहीं हो सका और आज सुबह तड़के साढ़े 3 बजे एम्स के आईसीयू में उन्होंने दम तोड़ दिया।

तीजन बाई ने न केवल छत्तीसगढ़ की पारंपरिक पंडवानी कला को जीवित रखा, बल्कि इसे देश-विदेश के बड़े मंचों तक पहुंचाकर एक ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी।

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कला के क्षेत्र में उनके इसी अभूतपूर्व योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित किया था।