रायपुर। शासकीय नवीन महाविद्यालय गुढ़ियारी, रायपुर में 13 अगस्त 2026 को नशामुक्ति अभियान के अंतर्गत महाविद्यालय एवं ब्रह्माकुमारी आश्रम के संयुक्त तत्वावधान में एक अत्यंत प्रेरणादायक एवं जागरूकता से परिपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराना तथा उन्हें एक स्वस्थ, सकारात्मक, अनुशासित एवं रचनात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

ये खबर भी पढ़ें…
कन्या एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शिवपुर बतौली की छात्राओं की पैदल मार्च की घटित घटना के जांच के लिए समिति गठित
कन्या एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शिवपुर बतौली की छात्राओं की पैदल मार्च की घटित घटना के जांच के लिए समिति गठित
अम्बिकापुर/ कन्या एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शिवपुर, विकासखण्ड बतौली की छात्राओं द्वारा 07 सितम्बर 2026 को आयोजित पैदल मार्च की...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी आश्रम की बहन अंशु कुमारी, बहन युगेश्वरी एवं भाई भूपेंद्र सहित महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. मधुलिका अग्रवाल, समस्त प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में उत्साही छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारी आश्रम की बहन अंशु कुमारी ने कहा कि आज के समय में युवा पीढ़ी के बीच नशे की प्रवृत्ति एक गंभीर और चिंताजनक सामाजिक चुनौती का रूप ले चुकी है।

ये खबर भी पढ़ें…
रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में चलेंगी 240 ई-बसें
रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में चलेंगी 240 ई-बसें
रायपुर/ शहरों का विकास केवल अधोसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि नागरिकों को स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, बेहतर सड़क,...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

उन्होंने बताया कि यह समस्या अब केवल युवकों तक सीमित नहीं रही, बल्कि बड़ी संख्या में छात्राएं भी इसकी चपेट में आ रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मानसिक तनाव, दबाव और असंतुलित जीवनशैली युवाओं को नशे की ओर धकेलने वाले प्रमुख कारण हैं।

बचपन से ही बढ़ता तनाव यदि समय रहते नियंत्रित न किया जाए तो वह आगे चलकर गंभीर रूप ले सकता है, इसलिए बच्चों को सकारात्मक वातावरण, स्नेह और सही मार्गदर्शन देना अत्यंत आवश्यक है।

ये खबर भी पढ़ें…
शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल,कई जिला शिक्षा अधिकारियों की पदस्थापना, देखिए पूरी लिस्ट 
शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल,कई जिला शिक्षा अधिकारियों की पदस्थापना, देखिए पूरी लिस्ट 
रायपुर ।स्कूल शिक्षा विभाग में  ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए जिला शिक्षा अधिकारियों सहित कई प्राचार्यों और शिक्षा विभाग...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

उन्होंने बताया कि ब्रह्माकुमारी आश्रम द्वारा लगभग डेढ़ करोड़ स्कूली एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थियों को नशामुक्त जीवन जीने का संकल्प दिलाने का व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।

इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखते हुए उन्हें आत्मानुशासन, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक चेतना से जोड़ना है, ताकि वे अपने जीवन को सही दिशा दे सकें।
बहन अंशु कुमारी ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जिस प्रकार हम अपने शरीर के लिए पौष्टिक आहार, फल और सब्जियों का चयन करते हैं, उसी प्रकार जीवन में मानसिक और आत्मिक ऊर्जा के लिए हमें ईश्वर से जुड़ना चाहिए। उन्होंने ध्यान एवं मेडिटेशन को तनाव कम करने और सकारात्मक ऊर्जा विकसित करने का अत्यंत प्रभावी माध्यम बताया।

उन्होंने कहा कि नियमित ध्यान व्यक्ति को आंतरिक शांति प्रदान करता है और कठिन परिस्थितियों में भी संतुलित रहने की शक्ति देता है।

उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से यह भी समझाया कि हमें बिना सत्य जाने किसी के बारे में धारणा नहीं बनानी चाहिए। कान सुनी बातों पर विश्वास करने और दूसरों की बुराई करने से बचना चाहिए।

उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यक्ति के व्यक्तित्व और भविष्य पर उसकी संगति का गहरा प्रभाव पड़ता है। जैसा हमारा मित्र-समूह होगा, वैसी ही हमारी सोच और जीवनशैली भी बनती है। इसलिए युवाओं को नकारात्मक संगति से दूर रहकर सकारात्मक, प्रेरणादायक और रचनात्मक लोगों का साथ चुनना चाहिए।

इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. मधुलिका अग्रवाल ने कहा कि आज के समय में युवा वर्ग के सामने नशे की चुनौती अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है। उन्होंने विशेष रूप से यह भी कहा कि कुछ विद्यार्थी खासकर लड़किययाँ जो हॉस्टल में रह रहीं हैं वे जीवन में सिगरेट, शराब और अन्य मादक पदार्थों को आधुनिकता या स्टेटस सिंबल के रूप में देखने लगी हैं, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे को अपनाना हमारी भारतीय संस्कृति, सभ्यता और जीवन मूल्यों के पूर्णतः विपरीत है।
प्राचार्य महोदया ने कहा कि विद्यार्थियों के जीवन में व्यक्तिगत, पारिवारिक और शैक्षणिक स्तर पर अनेक प्रकार की चुनौतियाँ और तनाव आते हैं, लेकिन उनका समाधान नशा नहीं हो सकता। महाविद्यालय विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा और रुचियों को सही दिशा देने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान कर रहा है।

उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे ललित कला, साहित्य, संस्कृति, खेल एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जुड़कर अपनी ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग करें।

उन्होंने कहा कि युवा यदि अपनी प्रतिभा को सही दिशा दें तो वे न केवल अपने जीवन को संवार सकते हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने, सकारात्मक संगति अपनाने, तनाव का स्वस्थ समाधान खोजने तथा अपने जीवन को रचनात्मक दिशा देने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक नशामुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय सहभागिता का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक श्री पद्मेश नाग, डॉ. वंदना कुमार, श्रीमती कुसुम चंद्राकर, डॉ. राजवंश कौर कोहली, श्रीमती मधु उर्वशा , श्री लोकेश सतपति, श्रीमती शुभ्रा मिश्रा सहित समस्त प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन श्रीमती मधु उर्वशा द्वारा किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ.स्मिता बरगे ने किया ।
कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि नशामुक्त युवा ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला हैं। युवाओं की ऊर्जा को नशे से नहीं, बल्कि ज्ञान, रचनात्मकता, संस्कार और सकारात्मक सोच से जोड़ना ही नशामुक्त भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम का समापन इस सशक्त संदेश के साथ हुआ कि नशामुक्त युवा ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र की वास्तविक आधारशिला हैं। युवाओं की ऊर्जा को नशे के अंधकार से निकालकर ज्ञान, रचनात्मकता, संस्कार और सकारात्मक सोच की रोशनी से जोड़ना ही नशामुक्त भारत के निर्माण की दिशा में सबसे प्रभावी कदम है।