8th pay commission पर तेज़ हुई हलचल, शिक्षकों ने रखीं बड़ी मांगें—न्यूनतम वेतन 50 हजार और नए अलाउंस का प्रस्ताव
संगठन ने लेवल-1 कर्मचारियों के लिए न्यूनतम मूल वेतन 50,000 रुपये करने और फिटमेंट फैक्टर को 3.83 तक बढ़ाने की मांग की है। इसके साथ ही चाइल्ड एजुकेशन अलाउंस को मौजूदा करीब 2,800 रुपये से बढ़ाकर 7,000 रुपये प्रति माह करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिसे 12वीं के बजाय ग्रेजुएशन तक लागू करने की बात कही गई है।

8th pay commission/दिल्ली। 8वें वेतन आयोग को लेकर गतिविधियां तेज़ हो गई हैं और आयोग अपनी सिफारिशों को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हाल ही में Dehradun में हुई बैठक के बाद अब दिल्ली में भी अहम बैठकों का दौर शुरू होने वाला है। इसी बीच विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगें आयोग के सामने रखना शुरू कर दिया है।
8th pay commission/केंद्र सरकार के शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करने वाला Progressive Teachers Justice Forum (PSNM) भी अपनी मांगों की सूची के साथ सामने आया है।
न्यूनतम मूल वेतन 50,000 रुपये करने की मांग।8th pay commission
संगठन ने लेवल-1 कर्मचारियों के लिए न्यूनतम मूल वेतन 50,000 रुपये करने और फिटमेंट फैक्टर को 3.83 तक बढ़ाने की मांग की है। इसके साथ ही चाइल्ड एजुकेशन अलाउंस को मौजूदा करीब 2,800 रुपये से बढ़ाकर 7,000 रुपये प्रति माह करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिसे 12वीं के बजाय ग्रेजुएशन तक लागू करने की बात कही गई है।
संगठन ने बदलते डिजिटल दौर को देखते हुए एक नए “डिजिटल सपोर्ट अलाउंस” की भी मांग की है, जिसके तहत कर्मचारियों को हर महीने 2,000 रुपये ब्रॉडबैंड और एआई सपोर्ट के लिए दिए जाएं।8th pay commission
इसके अलावा हाउस रेंट अलाउंस (HRA) की दरों को वर्तमान 10%, 20% और 30% से बढ़ाकर क्रमशः 12%, 24% और 36% करने का सुझाव दिया गया है।
ट्रांसपोर्ट अलाउंस को लेकर भी संगठन ने बड़ा बदलाव सुझाया है। प्रस्ताव है कि इसे बेसिक वेतन का 12 से 15 प्रतिशत किया जाए या न्यूनतम 9,000 रुपये प्लस महंगाई भत्ता के आधार पर तय किया जाए। वहीं छुट्टियों के मामले में 14 दिन कैजुअल लीव, 30 दिन अर्न्ड लीव और 20 दिन मेडिकल लीव देने की मांग रखी गई है।
रिटायरमेंट के समय लीव एनकैशमेंट की सीमा 300 दिन से बढ़ाकर 400 दिन करने का प्रस्ताव भी शामिल है।8th pay commission
इसके अलावा नॉन-प्रोडक्टिविटी बोनस को 6,908 रुपये से बढ़ाकर 27,640 रुपये करने और सप्ताह में 5 दिन कार्य प्रणाली लागू करने की मांग भी उठाई गई है। इन मांगों के जरिए संगठन का कहना है कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में कर्मचारियों की आय और सुविधाओं में सुधार बेहद आवश्यक है।





