बिलासपुर… पुरानी रंजिश में चार लोगों पर लाठी-डंडों से हमला करने के मामले में दशम अपर सत्र न्यायाधीश आदित्य जोशी की अदालत ने मुख्य आरोपी कृष्णा साहू को सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर छह हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। वहीं, मामले में शामिल अन्य पांच आरोपियों को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर दोषमुक्त कर दिया गया।

अभियोजन के अनुसार, 3 अक्टूबर 2025 को ग्राम सलहैया निवासी कृष्णा साहू अपने साथियों के साथ मनीष शुक्ला के पास पहुंचा। पुरानी रंजिश को लेकर हुए विवाद में मनीष पर लाठी-डंडों से हमला किया गया। बीच-बचाव करने पहुंचे गोकुल सिंह राजपूत, सूर्यकांत राजपूत और उत्तम राजपूत भी हमले में घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए लोरमी के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया।

घटना के संबंध में सविता शुक्ला ने जूनापारा चौकी, थाना तखतपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना के बाद कृष्णा साहू, श्रवण साहू, महेन्द्र राजपूत, छोटकू उर्फ लक्ष्मण ध्रुव, बाल्मीकि उर्फ गुरुप्रसाद और ओमनारायण नेताम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया।

पांच आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में राहत

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्य अदालत के सामने रखे। साक्ष्यों के परीक्षण के बाद अदालत ने पांच आरोपियों के खिलाफ अपराध साबित करने के लिए पर्याप्त आधार नहीं पाया और उन्हें दोषमुक्त कर दिया। हालांकि, कृष्णा साहू के खिलाफ आरोप प्रमाणित होने पर उसे दोषी ठहराया गया।

अभियोजन पक्ष ने सजा पर बहस के दौरान कहा कि हमले में चार लोगों के सिर पर वार कर गंभीर चोटें पहुंचाई गई थीं, इसलिए आरोपी को कठोर दंड दिया जाना चाहिए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने कृष्णा साहू को सात वर्ष के सश्रम कारावास और छह हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।