रायपुर। आगामी त्योहारी सीजन की आहट के साथ ही केंद्र सरकार ने चीनी बाजार में स्थिरता बनाए रखने और उद्योग जगत को बड़ी राहत देने के लिए अहम कदम उठाया है। सरकार ने थोक उपभोक्ताओं के लिए चीनी के भंडारण (स्टॉक limit) की तय अवधि को 15 दिनों से बढ़ाकर सीधा 30 दिन कर दिया है।

सरकार के इस नीतिगत फैसले से एक तरफ जहां खाद्य प्रसंस्करण (फ़ूड प्रोसेसिंग) और मीठे उत्पाद बनाने वाले उद्योगों को उत्पादन में सहूलियत मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ आम उपभोक्ताओं के लिए भी राहत की खबर है, क्योंकि खुदरा बाजार में चीनी की कीमतें 10 फीसदी तक टूट चुकी हैं।

ये खबर भी पढ़ें…
CG News -कोरबा के जंगल में एक ही फंदे पर लटके मिले प्रेमी जोड़े के शव, शुक्रवार से थे लापता
CG News -कोरबा के जंगल में एक ही फंदे पर लटके मिले प्रेमी जोड़े के शव, शुक्रवार से थे लापता
कोरबा जिले के अरतेरा गांव के पास जंगल में एक युवक और युवती के शव एक ही फंदे पर लटके...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

आयातित चीनी से ही पूरा होगा अतिरिक्त स्टॉक का कोटा

प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, थोक उपभोक्ता 15 दिनों की सीमा से अधिक का जो अतिरिक्त स्टॉक रखेंगे, वह केवल अग्रिम स्वीकृति योजना (AAS) और शुल्क दर कोटा (TRQ) के तहत आयात की गई चीनी से ही प्राप्त किया जाना चाहिए। खुले बाजार से खरीदी जाने वाली घरेलू चीनी के लिए भंडारण सीमा पूर्ववत 15 दिनों के उपयोग तक ही सीमित रहेगी। इस शर्त का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि त्योहारों के दौरान घरेलू चीनी की आपूर्ति पर कोई अतिरिक्त दबाव न पड़े और बाजार संतुलन बना रहे।

ये खबर भी पढ़ें…
CG News -परिवार परामर्श केंद्र के काउंसलिंग रजिस्टर में हेरफेर,काउंसलर और पत्नी के खिलाफ फर्जीवाड़े की FIR, कोर्ट के आदेश पर सिविल लाइन पुलिस की कार्रवाई
CG News -परिवार परामर्श केंद्र के काउंसलिंग रजिस्टर में हेरफेर,काउंसलर और पत्नी के खिलाफ फर्जीवाड़े की FIR, कोर्ट के आदेश पर सिविल लाइन पुलिस की कार्रवाई
CG Crime News:पति-पत्नी के विवाद को सुलझाने के लिए काउंसलर को जिम्मेदारी दी गई थी। काउंसलर ने शिकायतकर्ता की पत्नी...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

साप्ताहिक स्टॉक रिपोर्टिंग अनिवार्य

पारदर्शिता बनाए रखने और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने एक ऑनलाइन निगरानी तंत्र तैयार किया है। प्रति महीने 10 मीट्रिक टन से अधिक चीनी की खपत करने वाले सभी बड़े थोक उपभोक्ताओं को विभाग के आधिकारिक पोर्टल foodstock.dfpd.gov.in पर हर शुक्रवार अपने चीनी के स्टॉक की पूरी जानकारी अनिवार्य रूप से दर्ज करानी होगी

ये खबर भी पढ़ें…
Cg news – 21.51 ग्राम हेरोइन के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार
Cg news – 21.51 ग्राम हेरोइन के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार
धमतरी जिले की पुलिस ने हेरोइन (चिट्टा) की अवैध बिक्री और तस्करी में शामिल तीन शातिर आरोपियों को रंगे हाथों...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

यह निर्णय चीनी उद्योग और प्रमुख थोक उपभोक्ताओं के साथ आयोजित उच्चस्तरीय बैठकों और परामर्श के बाद लिया गया है। उद्योग जगत ने त्योहारी सीजन में बढ़ती मांग को देखते हुए भंडारण सीमा बढ़ाने और आयातकों से सीधे चीनी खरीदने की अनुमति मांगी थी, ताकि औद्योगिक उत्पादन बिना किसी रुकावट के जारी रह सके। सरकार का मानना है कि इस कदम से घरेलू बाजार में कीमतों को नियंत्रित रखते हुए उद्योगों को परिचालन में अधिक लचीलापन मिलेगा।

खुदरा बाजार में 10% सस्ती हुई चीनी

आम जनता के लिए राहत की बात है, चीनी की खुदरा कीमतें अपने उच्चतम स्तर से करीब 10 प्रतिशत तक गिर चुकी है। अगस्त महीने में जो चीनी 65 रुपये प्रति किलो बिक रही थी, उसका भाव अब घटकर लगभग 58.50 रुपये प्रति किलो पर आ गया है। वहीं मिल स्तर पर एक्स-मिल (Ex-mill) कीमतों में 25 प्रतिशत तक की बड़ी गिरावट देखी गई है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव ने भारतीय चीनी एवं जैव-ऊर्जा निर्माता संघ (ISMA), राष्ट्रीय सहकारी चीनी कारखाने संघ और व्यापारी प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर साफ कहा कि मिलों में हुई कटौती का पूरा लाभ खुदरा विक्रेताओं और आम ग्राहकों तक तुरंत पहुंचाया जाना चाहिए। सरकार ने व्यापारियों से अपील की है कि वे आगामी त्योहारों को देखते हुए चीनी और इससे बनी मिठाइयों के दाम किफायती रखें।

किसानों के लिए खुशखबरी

सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत की चीनी नीति के दो प्रमुख आधार किसान और उपभोक्ता हैं। गन्ने की खेती करने वाले किसानों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए नए चीनी सीजन की शुरुआत के साथ ही 1 अक्टूबर 2026 से किसानों को गन्ने का बढ़ा हुआ उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) यानी 365 रुपये प्रति क्विंटल दिया जाएगा। सरकार ने आश्वस्त किया है कि वह बाजार में चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर लगातार नजर बनाए रखेगी ताकि आम जनता और उद्योग दोनों के हित सुरक्षित रहें।