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Chhattisgarh

ईपीएफ-ईएसआई से बाहर सफाई कर्मियों को मिलेगा सुरक्षा कवच..नई व्यवस्था लागू…शासन का अहम फैसला

नगरीय सफाई कर्मियों के लिए श्रम योजनाओं का रास्ता साफ

बिलासपुर…प्रदेश के नगरीय निकायों में कार्यरत सफाई कर्मकारों को अब श्रम विभाग की कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा। राज्य सरकार ने इस दिशा में अहम पहल करते हुए सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को पात्र सफाई कर्मियों का श्रम विभाग में पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने संचालनालय स्तर से जारी परिपत्र में स्पष्ट किया है कि ऐसे सफाई कर्मकार, जो ईएसआईसी और ईपीएफ के दायरे में नहीं आते, उनका पंजीयन असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल में कराया जाए। इसके जरिए उन्हें सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जाएगा।

ऑनलाइन पंजीयन की व्यवस्था, प्रचार के निर्देश

विभागीय पत्र में बताया गया है कि पंजीयन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। इसके लिए श्रम विभाग की वेबसाइट shramevjayate.cg.gov.in अथवा “श्रमेव जयते” मोबाइल एप के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। साथ ही नगरीय निकायों को निर्देश दिए गए हैं कि सफाई कर्मकारों के बीच इन योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि कोई भी पात्र कर्मी लाभ से वंचित न रह जाए।

सफाई कर्मी शहरी स्वच्छता की रीढ़

उप मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने इस पहल को सफाई कर्मकारों के सम्मान और सुरक्षा से जोड़ा। उन्होंने कहा कि शहरों की स्वच्छता व्यवस्था इन्हीं कर्मकारों के श्रम पर टिकी है। सरकार का प्रयास है कि उनके कार्य को केवल जिम्मेदारी के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक योगदान के रूप में मान्यता मिले। पंजीयन के माध्यम से सफाई कर्मियों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

59 हजार से अधिक सफाई कर्मकार पंजीकृत

श्रम विभाग के अनुसार असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के अंतर्गत फिलहाल प्रदेश में 59 हजार से अधिक सफाई कर्मकार पंजीकृत हैं। ये वे कर्मी हैं, जो ईएसआईसी और ईपीएफ जैसी औपचारिक योजनाओं के दायरे से बाहर हैं, लेकिन जिनके लिए राज्य सरकार ने अलग सामाजिक सुरक्षा ढांचा तैयार किया है।

सफाई कर्मकारों और परिवारों के लिए योजनाएं

पंजीकृत सफाई कर्मकारों और उनके आश्रितों को मंडल के माध्यम से नौ प्रमुख योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। इनमें महतारी जतन योजना, मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना, आवश्यक उपकरण सहायता, कौशल उन्नयन योजना, गंभीर बीमारी चिकित्सा सहायता और शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना शामिल हैं।
इसके अलावा सफाई कर्मकारों के बच्चों के लिए विशेष कोचिंग योजना, साइकिल सहायता योजना और छात्रवृत्ति योजना भी संचालित की जा रही हैं।

नीति से ज़मीनी लाभ की दिशा में कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल केवल योजनाओं के विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि नगरीय सफाई कर्मकारों को औपचारिक सामाजिक सुरक्षा तंत्र से जोड़ने की दिशा में एक ठोस कदम है। यदि पंजीयन प्रक्रिया सही ढंग से लागू होती है, तो इसका सीधा असर सफाई कर्मियों के जीवन स्तर और उनके परिवारों की स्थिरता पर पड़ेगा।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।
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