बिलासपुर…सरकार के बहुप्रचारित सुशासन तिहार की तस्वीर बिल्हा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम गोढ़ी में उस समय बदल गई जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र शुक्ला ने शिविर में पहुंचकर अधिकारियों से सीधे सवाल-जवाब शुरू कर दिए। ग्रामीणों की शिकायतों और लंबित आवेदनों को मुद्दा बनाते हुए शुक्ला ने प्रशासनिक दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े किए, जिसके बाद कार्यक्रम में तीखी बहस का माहौल बन गया।

विकासखंड स्तरीय शिविर में पहुंचे शुक्ला ने ग्रामीणों से चर्चा कर उनके आवेदन और समस्याओं की जानकारी ली। ग्रामीणों ने बिजली, पेयजल, खाद-बीज, सड़क और पेंशन जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर नाराजगी जताई। इसके बाद शुक्ला ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से जवाब मांगा। कृषि, विद्युत और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग पर किसानों को समय पर सुविधाएं नहीं देने का आरोप लगाया गया, जबकि लोक निर्माण विभाग से क्षेत्र की जर्जर सड़कों के निर्माण को लेकर सवाल किए गए।

जवाब मांगते ही गरमाया माहौल

शिविर के दौरान जब सड़क, पानी और खाद-बीज की समस्याओं पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो शुक्ला ने प्रशासन को सार्वजनिक रूप से घेर लिया। उनके सवालों का समर्थन करते हुए ग्रामीणों ने भी आवाज़ बुलंद की और अधिकारियों से जवाब मांगने लगे। कार्यक्रम स्थल पर “जवाब दो-जवाब दो” के नारे गूंजने लगे, जिससे माहौल राजनीतिक रूप से गर्म हो गया।

सुशासन नहीं, यह सिर्फ दिखावा

शुक्ला ने आरोप लगाया कि प्रदेश में किसान खाद और बीज के लिए परेशान हैं, कई गांवों में पानी की समस्या बनी हुई है और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि यदि जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा तो ऐसे आयोजनों का औचित्य ही क्या है।

विवाद तब और बढ़ गया जब उनके आरोपों के बीच माइक बंद कर दिए जाने का आरोप सामने आया। इस पर शुक्ला ने कहा कि “माइक बंद कर देने से जनता की आवाज़ नहीं दबेगी। जनता खुद अपनी लड़ाई लड़ना जानती है। आज जो सवाल उठ रहे हैं, उनका जवाब जनता समय आने पर जरूर देगी।”

शराबबंदी, पेंशन और महतारी वंदन को लेकर भी उठी आवाज़

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और ग्रामीणों ने भी विभिन्न मांगों को लेकर नारेबाजी की। शराब दुकानों को बंद करने, अवैध शराब बिक्री पर रोक लगाने, किसानों को पर्याप्त बिजली-पानी और खाद-बीज उपलब्ध कराने, वृद्धजनों की पेंशन तथा महतारी वंदन योजना की राशि समय पर देने की मांग उठाई गई। इसके बाद शुक्ला और उनके समर्थकों ने कार्यक्रम का बहिष्कार करते हुए शिविर स्थल छोड़ दिया।

सड़क से सदन तक सक्रिय रहने का दावा

राजेंद्र शुक्ला लंबे समय से बिल्हा विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर सक्रिय रहे हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि वे लगातार किसानों, महिलाओं और ग्रामीणों के मुद्दों को उठाते रहे हैं। जिला पंचायत सदस्य अनीता शुक्ला भी क्षेत्रीय गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं।

शिविर में हुए घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सरकारी योजनाओं और जनसमस्याओं के समाधान के बीच मौजूद दूरी आखिर कब कम होगी। वहीं कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम को सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर बताया है।