रोजगार का नया इंजन स्टार्ट: बिलासपुर में DCC शुरू, 55 पंचायतों में महिला उद्यमिता को बढ़ावा
अब गांव में बनेगा कारोबार: बिलासपुर में जिला समन्वय केंद्र लॉन्च, महिलाओं को मिलेगा सीधा सहारा

बिलासपुर…स्वरोज़गार को जमीन देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए बिलासपुर में बड़ा कदम उठा। कोनी स्थित सीएमटीसी परिसर में आत्मनिर्भर युवा – आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ अभियान के तहत जिला समन्वय केंद्र का शुभारंभ हुआ। यह केंद्र अब जिले में उद्यमिता का नर्व सेंटर बनेगा।
प्रशासन और पुलिस की संयुक्त पहल
कार्यक्रम में कलेक्टर संजय अग्रवाल मुख्य अतिथि रहे। पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह और जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल विशेष रूप से मौजूद रहे। तीनों ने मिलकर इस पहल को जमीन पर उतारने की प्रतिबद्धता दिखाई।
महिला उद्यमियों पर फोकस, 55 पंचायत
अभियान के पहले चरण में ‘आईयूथ स्टोर’ मॉडल लागू किया गया है। इसके तहत 55 ग्राम पंचायतों की चयनित महिला उद्यमियों को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए बैंक ऋण, प्रशिक्षण और संचालन सहयोग दिया जा रहा है। लक्ष्य साफ है—महिलाओं को रोजगार देने के साथ उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना।
DCC बनेगा पूरा कंट्रोल रूम
जिला समन्वय केंद्र इस पूरी पहल का संचालन केंद्र रहेगा। यहीं से उद्यमियों, बैंकों और प्रशासन के बीच समन्वय होगा। स्टोर स्थापना, ट्रेनिंग, लोन अप्रूवल और व्यवसाय की निगरानी—सभी प्रक्रियाएं इसी केंद्र से संचालित होंगी, जिससे काम की गति और पारदर्शिता दोनों सुनिश्चित हों।
क्या बोले जिम्मेदार चेहरे
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने इसे ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में अहम पहल बताया।
पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कहा—यह अभियान युवाओं, खासकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में निर्णायक साबित होगा।
बैंकों के साथ सीधा संवाद, तेजी पर जोर
कार्यक्रम के दौरान उद्यमियों और बैंक प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। ऋण प्रकरणों के त्वरित निपटान और आगे की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई, ताकि लाभार्थियों को बिना देरी के मदद मिल सके।
पायलट से पूरे प्रदेश तक की तैयारी
फिलहाल यह पहल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुई है। प्रशासन का लक्ष्य इसे सफल बनाकर पूरे छत्तीसगढ़ में विस्तार देना है।





