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100 अरब डॉलर वैल्यूएशन के साथ रिलायंस रिटेल वैश्विक सूची में 7वें स्थान पर

• ‘हेक्टाकॉर्न’ बनी रिलायंस रिटेल • नेशनल स्टॉक एक्सचेंज 27वें जबकि टाटा ईवी मोबिलिटी 93वें स्थान पर रही

नई दिल्ली। रिलायंस रिटेल दुनिया की सबसे मूल्यवान निजी स्टार्टअप कंपनियों की वैश्विक सूची में सातवें स्थान पर पहुंच गई है। स्टैनफर्ड ग्रैजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस की रिसर्च के अनुसार, $100 अरब से अधिक मूल्यांकन के साथ कंपनी ने वैश्विक स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पहली 100 मूल्यवान स्टार्टअप कंपनियों की सूची में तीन भारतीय कंपनियां शामिल हैं। लिस्ट में रिलायंस रिटेल ने सबसे ऊंची रैंकिंग हासिल कर, भारत की मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है।

कंपनी की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि   रिपोर्ट के मुताबिक रिलायंस रिटेल का पोस्ट-मनी वैल्यूएशन $100 अरब से अधिक है, जिससे वह दुनिया की उन सात कंपनियों में शामिल हो गई है जिन्हें ‘हेक्टाकॉर्न’ कहा जाता है। इसका मतलब जिन स्टार्टअप्स की वैल्यूएशन $100 को पार कर जाती है उन्हें हेक्टाकॉर्न के नाम से जाना जाता है। शीर्ष सात कंपनियों में रिलायंस रिटेल रिटेल सेक्टर की एकमात्र कंपनी है।

कंपनी को कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, केकेआर, सिल्वरलेक, जीआईसी, टीपीजी और मुबाडाला जैसे प्रमुख वैश्विक निवेशकों से निवेश प्राप्त हुआ है। निवेशकों द्वारा लगाई गई कंपनी की कीमत को ही रैकिंग का प्रमुख आधार माना गया है। रैंकिंग स्टैनफर्ड ग्रैजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस की वेंचर कैपिटल इनीशिएटिव की रिसर्च में दी गई है, जो जनवरी 2026 तक के आंकड़ों पर आधारित है।

सूची में पहले तीन स्थान पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी ओपनएआई, एलन मस्क की स्पेसएक्स और एंथ्रोपिक शामिल हैं, जो वैश्विक निवेश रुझानों में टेक और एआई कंपनियों के बढ़ते दबदबे को दिखाता है।

रिपोर्ट में भारत की कुल तीन कंपनियां शामिल हैं। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE India) 24 अरब डॉलर के मूल्यांकन के साथ 27वें स्थान पर है, जबकि टाटा ईवी मोबिलिटी 9 अरब डॉलर के मूल्यांकन के साथ 93वें स्थान पर रही।

अमेरिका 65 कंपनियों के साथ सूची में सबसे आगे है, जबकि चीन की 21 कंपनियां शामिल हैं। भारत और ब्रिटेन की तीन-तीन कंपनियों ने सूची में जगह बनाई है।

रिपोर्ट के अनुसार शीर्ष तीन कंपनियां ओपनएआई, स्पेसएक्स और एंथ्रोपिक मिलकर पूरी सूची के कुल मूल्यांकन का लगभग एक-तिहाई हिस्सा रखती हैं, जो वैश्विक निवेश में एआई सेक्टर की मजबूत पकड़ को दर्शाता है। रिलायंस रिटेल की रैंकिंग वैश्विक रिटेल बाजार में भारत की बढ़ती मौजूदगी को भी रेखांकित करती है।

Chief Editor

छत्तीसगढ़ के ऐसे पत्रकार, जिन्होने पत्रकारिता के सभी क्षेत्रों में काम किया 1984 में ग्रामीण क्षेत्र से संवाददाता के रूप में काम शुरू किया। 1986 में बिलासपुर के दैनिक लोकस्वर में उपसंपादक बन गए। 1987 से 2000 तक दिल्ली इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के राष्ट्रीय अखबार जनसत्ता में बिलासपुर संभाग के संवाददाता के रूप में सेवाएं दीं। 1991 में नवभारत बिलासपुर में उपसंपादक बने और 2003 तक सेवाएं दी। इस दौरान राजनैतिक विश्लेषण के साथ ही कई चुनावों में समीक्षा की।1991 में आकाशवाणी बिलासपुर में एनाउँसर-कम्पियर के रूप में सेवाएं दी और 2002 में दूरदर्शन के लिए स्थानीय साहित्यकारों के विशेष इंटरव्यू तैयार किए ।1996 में बीबीसी को भी समाचार के रूप में सहयोग किया। 2003 में सहारा समय रायपुर में सीनियर रिपोर्टर बने। 2005 में दैनिक हरिभूमि बिलासपुर संस्करण के स्थानीय संपादक बने। 2009 से स्वतंत्र पत्रकार के रूप में बिलासपुर के स्थानीय न्यूज चैनल ग्रैण्ड के संपादक की जिम्मेदारी निभाते रहे । छत्तीसगढ़ और स्थानीय खबरों के लिए www.cgwall.com वेब पोर्टल शुरू किया। इस तरह अखबार, रेडियो , टीवी और अब वेबमीडिया में काम करते हुए मीडिया के सभी क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बनाई है।
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