Raghav Chaddha join bjp।नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और भाजपा में शामिल होने का ऐलान कर दिया। इस खबर के सामने आते ही आम आदमी पार्टी खेमे में हलचल मच गई। यहां तक कि आप के सांसद संजय सिंह ने इसे ‘ऑपरेशन लोट्स’ करार दिया।

Raghav Chaddha join bjp।दरअसल, पिछले कुछ महीनों से जिस तरह से राघव चड्ढा को पार्टी में अलग-थलग करने की कोशिश की जा रही थी, उससे साफ हो गया था कि आने वाले समय में अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी को ‘जोर का झटका, बहुत जोर से लगना’ तय है।

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अगर मौजूदा राजनीतिक हालात की बात करें तो राघव चड्ढा के साथ अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने भी आम आदमी पार्टी को छोड़कर भाजपा में शामिल होने की घोषणा कर दी।

अगर इन नेताओं की राजनीतिक और व्यक्तिगत उपलब्धियों को देखें, तो इनका आप से बाहर निकलना सही मायनों में अरविंद केजरीवाल के लिए ‘जोर का झटका, बहुत जोर से लगना’ माना जा सकता है।

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राघव चड्ढा राजनीति में आने से पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट थे। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री ली है। राघव चड्ढा के राजनीतिक जीवन की शुरुआत ही आम आदमी पार्टी के साथ हुई थी।

पार्टी के गठन के समय भी चड्ढा अरविंद केजरीवाल के साथ थे। 24 वर्ष की आयु में, उन्होंने 2012 में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में लोकपाल विधेयक का मसौदा तैयार करने में सहयोग किया। टीवी पर वह पार्टी और संगठन का पक्ष रखते रहे और जल्द ही वह पार्टी का जाना-पहचाना चेहरा बन गए।

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राघव चड्ढा भारतीय राजनीतिक दलों में सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय प्रवक्ता बने। वह पूर्व में राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष भी रह चुके हैं। इससे पहले वे 2020 से मार्च 2022 तक दिल्ली के राजेंद्र नगर निर्वाचन क्षेत्र से आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक रहे। इस दौरान वह दिल्ली जल बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में भी काम कर चुके हैं।

फिलहाल वह पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और इस पद पर वे अप्रैल 2022 से हैं। हालांकि, पिछले दिनों उन्हें पार्टी की तरफ से राज्यसभा में उपनेता के पद से हटा दिया गया था। इसके बाद से ही माना जा रहा था कि राघव चड्ढा जल्द ही अपनी राजनीतिक सफर में नए रास्ते तलाश सकते हैं।

डॉ. संदीप कुमार पाठक भी 2022 से पंजाब से आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद हैं और इसके साथ ही वह पार्टी में संगठन महासचिव की जिम्मेदारी निभा रहे थे। संदीप पाठक ने पार्टी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई और अपनी असाधारण सियासी गणित और संगठनात्मक क्षमता के लिए जाने जाते हैं। साल 2022 के पंजाब चुनाव में आम आदमी पार्टी की जीत में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।

संदीप पाठक ने छत्तीसगढ़ से स्नातकोत्तर की उपाधि ली और फिर हैदराबाद और पुणे में पढ़ाई करने के बाद वह कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय गए, जहां से उन्होंने डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की।

पार्टी छोड़ने वालों में सबसे ज्यादा चौंकाने वाला नाम राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल का माना जा रहा है। अशोक मित्तल को आम आदमी पार्टी ने हाल ही में राघव चड्ढा को हटाकर राज्यसभा में उपनेता बनाया था। अब अशोक मित्तल ने भी राघव चड्ढा के साथ पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है।

अशोक मित्तल लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) के संस्थापक कुलाधिपति भी हैं। आम आदमी पार्टी ने डॉ. अशोक कुमार मित्तल को पंजाब से राज्यसभा भेजा। वह साल 2022 में राज्यसभा के लिए चुने गए थे। फिलहाल वह राज्यसभा में आप के उपनेता की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

राघव चड्ढा ने दावा किया है कि उनके साथ स्वाति मालीवाल और हरभजन सिंह भी हैं। इतना ही नहीं, बलबीर सिंह सीचेवाल और विक्रमजीत सिंह साहनी भी आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले हैं। ये सभी पंजाब से सांसद हैं और ऐसे में माना जा रहा है कि इन नेताओं के पार्टी छोड़ने से पंजाब की राजनीति में भूचाल आ सकता है। जिसका असर आने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव में तय है।