बिलासपुर… पत्रकारों, मीडिया संस्थानों और अधिकारियों की छवि को निशाना बनाकर कथित तौर पर दबाव बनाने और ब्लैकमेलिंग का खेल चलाने के संदेह में बिलासपुर पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर दीपक अंबेडकर टंडन को रायपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन भी मिले हैं। पुलिस को इन मोबाइल में कुछ न्यूज पोर्टल और मीडिया संस्थानों से जुड़े लोगों तथा अधिकारियों से संबंधित आपत्तिजनक तस्वीरें, वीडियो और ऑडियो क्लिप मिलने की जानकारी सामने आई है। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इन सामग्री का इस्तेमाल लोगों को ब्लैकमेल करने, उगाही करने अथवा उनकी सामाजिक और पेशेवर छवि खराब करने के लिए तो नहीं किया जा रहा था।

पत्रकार की शिकायत से शुरू हुई जांच अब संभावित बड़े नेटवर्क की पड़ताल तक पहुंचती दिखाई दे रही है। आरोप है कि दीपक टंडन ने दुर्भावनापूर्ण मंशा से एक न्यूज पोर्टल के माध्यम से संबंधित पत्रकार के खिलाफ तथ्यहीन और भ्रामक समाचार प्रसारित कराए थे। इसके पीछे दबाव बनाने और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश बताई गई है। शिकायत मिलने के बाद बिलासपुर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और आरोपी की लोकेशन ट्रेस कर गुरुवार रात रायपुर के एक अपार्टमेंट में दबिश दी। यहां से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के दौरान अपने रसूख और पहुंच का हवाला देकर दबाव बनाने की कोशिश भी कथित तौर पर की गई, लेकिन पुलिस उसे गिरफ्तार कर बिलासपुर ले आई।

मोबाइल, आपत्तिजनक क्लिप, अफसरों की पड़ताल

पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य आरोपी के पास से मिले दो मोबाइल फोन बताए जा रहे हैं। इनमें कुछ मीडिया संस्थानों और अधिकारियों से संबंधित आपत्तिजनक तस्वीरें, वीडियो और ऑडियो क्लिप मिलने की जानकारी है। पुलिस अब इनकी प्रकृति, स्रोत और इस्तेमाल की पड़ताल कर रही है। आशंका है कि इन सामग्री को आधार बनाकर कुछ लोगों पर दबाव बनाने, उनकी छवि खराब करने अथवा आर्थिक लाभ लेने की कोशिश की जा सकती थी। हालांकि, इस आशंका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इन सामग्री को जुटाने, तैयार करने और प्रसारित करने में आरोपी के अलावा और कौन लोग शामिल थे। यदि किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका सामने आती है तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है।

महिला डीएसपी के नाम से चैट

दीपक टंडन का विवादों से पुराना नाता रहा है। महिला डीएसपी कल्पना वर्मा से जुड़े मामले में भी वह खूब चर्चा में रहा था। जानकारी के अनुसार, डीएसपी कल्पना वर्मा अपने बकाया पैसों की मांग को लेकर उसके होटल पहुंची थीं। आरोप है कि इसके बाद टंडन ने उन पर दर्ज मामले को वापस लेने का दबाव बनाया। बात नहीं बनने पर उनके नाम से कथित फर्जी चैट और तस्वीरें सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दी गईं। इस मामले में भी जांच की बात सामने आई थी। अब दो मोबाइल में मिली सामग्री के बाद पुलिस इस पुराने घटनाक्रम और मौजूदा शिकायत के बीच किसी संबंध की भी पड़ताल कर सकती है।

होटल वेलकम श्री पर लाखों का बकाया

टंडन की कारोबारी गतिविधियां भी लंबे समय से विवादों में रही हैं। रायपुर स्थित उसके होटल वेलकम श्री पर संपत्तिकर के रूप में लाखों रुपये बकाया होने के चलते नगर निगम ने कई बार नोटिस जारी किए थे। इसके बावजूद बकाया जमा नहीं होने पर निगम ने हाल ही में होटल को सील कर दिया था।

जमीन, कोयला और नौकरी के नाम ठगी

दीपक टंडन के खिलाफ अलग-अलग जिलों में दर्ज शिकायतों और न्यायालयीन प्रकरणों की लंबी फेहरिस्त सामने आई है। वर्ष 2023 में पिंटू मंडल ने तेलीबांधा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि जमीन खरीदने के नाम पर उससे 62 लाख रुपये लिए गए।

कोयले के कारोबार से जुड़े मामलों में वर्ष 2020 में महेन्द्र सिंह से 28 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला दीपका थाने में दर्ज हुआ था। वर्ष 2022 में सक्ती के किशन शर्मा से कोयले का टेंडर दिलाने के नाम पर 15 लाख रुपये लेने, श्याम सिंह ठाकुर से 31 लाख और विकास नागले से 25 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी की शिकायतें सामने आई थीं। वर्ष 2016 में मुकेश अग्रवाल से अडानी से कोयले का काम दिलाने के नाम पर 15 लाख रुपये लेने का आरोप भी लगाया गया था।

इसी तरह वर्ष 2018 में रायपुर के सिविल लाइन थाने में व्यापमं के माध्यम से राजस्व निरीक्षक की नौकरी दिलाने के नाम पर जितेंद्र देवांगन से 3.50 लाख रुपये लेने का मामला दर्ज हुआ था। वर्ष 2016 में जांजगीर-चांपा में संतोष गुप्ता से कथित तौर पर नकली हीरे गिरवी रखकर 7.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत भी दर्ज कराई गई थी।

42 लाख के चेक बाउंस का परिवाद

टंडन के पारिवारिक कारोबारी लेनदेन से जुड़ा मामला भी न्यायालय पहुंचा है। वर्ष 2025 में हेमंत कुमार वर्मा ने उसकी पत्नी बरखा टंडन के खिलाफ 42 लाख रुपये के चेक बाउंस होने को लेकर रायपुर के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के न्यायालय में परिवाद दायर किया था। इसके तीन प्रकरण क्रमशः 13409/25, 13405/25 और 13244/25 बताए गए हैं।

न्यायालयों में लंबित प्रकरण

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, रायपुर की अदालतों में भी टंडन के खिलाफ कई आपराधिक प्रकरण लंबित हैं। वर्ष 2018 में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज की थी। वहीं कटघोरा के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के न्यायालय में प्रकरण क्रमांक 48/24 में उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होने की जानकारी भी सामने आई है। रायपुर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और सत्र न्यायालय में वर्ष 2015 से 2022 के बीच दर्ज कई प्रकरण भी न्यायालयीन रिकॉर्ड में बताए गए हैं।

ब्लैकमेलिंग, उगाही और अन्य भूमिका

दीपक टंडन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब केवल शिकायतकर्ता पत्रकार को बदनाम करने के मामले तक सीमित नहीं है। दो मोबाइल में मिली सामग्री, कथित आपत्तिजनक क्लिप के स्रोत, उनके प्रसारण और आर्थिक लेनदेन की कड़ियां खंगाली जा रही हैं। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या आरोपी किसी ऐसे नेटवर्क के संपर्क में था, जो लोगों की निजी अथवा पेशेवर छवि से जुड़ी सामग्री जुटाकर उसका इस्तेमाल दबाव बनाने, ब्लैकमेलिंग और उगाही के लिए करता था। इस पूरे मामले में दूसरे आरोपियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

सभी पहलुओं की होगी जांच पड़ताल

बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है। कब्जे से पुलिस ने सामान जप्त किया है। मोबाइल की भी जांच की जा रही है। सामग्री की जांच की जा रही है। ब्लैकमेलिंग, उगाही और इस पूरे घटनाक्रम में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।