बिलासपुर। हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति बिलासपुर रे बिलासपुर में 4c श्रेणी के एयरपोर्ट और चारों महानगरों तक सीधी उड़ान की मांग वाले अपने जन संघर्ष को दीवाली जैसे त्यौहार में भी जारी रखा है।

गौरतलब है कि यह संघर्ष पिछले 7 साल से जारी है और यह इस संघर्ष का ही परिणाम है कि बिलासपुर में 72 सीटर ऐ टी आर विमान के लिए एयरपोर्ट वर्तमान में संचालित है और उससे कुछ शहरों के लिए उड़ाने उपलब्ध है।

हालांकि यह सुविधा पर्याप्त नहीं है और इससे बिलासपुर समेत उत्तर छत्तीसगढ़ के विकास की आकांक्षाओं को पर्याप्त सहायता नहीं मिल रही है।

हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने बताया कि पिछले 7 सालों में चाहे दीपावली का त्यौहार हो या कोई और बड़ा अवसर, भयंकर गर्मी पड़ रही हो या भारी बारिश, किसी भी मौके पर हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति के जन आंदोलन को ब्रेक नहीं लगा है।

समिति ने कहा यह कई बार बिलासपुर के नागरिकों को आश्चर्यचकित करता है कि इतने मनोयोग से किया जा रहे जन आंदोलन और उसकी मांगों को भी राज्य और केंद्र की सरकार पूरा नहीं कर रही है और केवल छोटे-मोटे कार्य कर या एक दो उड़ने प्रारंभ कर बिलासपुर को झुनझुना पकड़ा रहे है।

हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने सवाल उठाया कि जिस संभाग से हजारों करोड रुपए का राजस्व प्रतिवर्ष राज्य और केंद्र की सरकारों को मिलता है और जिस छत्तीसगढ़ राज्य का बजट आज लगभग दो लाख करोड रुपए प्रति वर्ष का हो गया है उस राज्य में बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट के 4c श्रेणी में उन्नयन के लिए 400 करोड रुपए भी नहीं है।

हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने कहा कि इन सब निराशाजनक परिस्थितियों के बावजूद वह बिलासपुर की अस्मिता के संघर्ष को जारी रखेंगे और इसका सबूत है की दिवाली के त्यौहार के समय भी यह जरा आंदोलन पूरी ताकत से जारी है।

समिति के आज के महा धर में  रवि बनर्जी, बद्री यादव, ऋषि राज सिंह गौतम, समीर अहमद बबला, मोहन जायसवाल ,देवेंद्र सिंह ठाकुर ,प्रकाश बहरानी, केशव गोरख, शिरीष कश्यप ,अभिषेक चौबे, विभूतिभूषण गौतम, आशुतोष शर्मा महेश दुबे टाटा ,अनिल गुलहरे, रंजीत सिंह खनूजा शाहबाज अली अकील अली और सुदीप श्रीवास्तव शामिल थे।