बिलासपुर… सूचना के अधिकार (RTI) से जुड़े मामलों में होने वाली देरी पर अंकुश लगाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण कदम उठाया है। लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रदेश के सभी संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को संभाग एवं जिला स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने के निर्देश जारी किए हैं। इसका उद्देश्य राज्य सूचना आयोग से प्राप्त नोटिसों और निर्देशों की समयबद्ध तामिली सुनिश्चित करना तथा लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण की प्रक्रिया को गति देना है।

यह निर्देश सामान्य प्रशासन विभाग के 14 जुलाई 2026 के आदेश के अनुपालन में जारी किया है। विभाग का मानना है कि वर्तमान व्यवस्था में विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और कलेक्टरों पर कार्यभार अधिक होने के कारण सूचना आयोग से जुड़े मामलों में नोटिसों की तामिली और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने में विलंब होता है। इसके कारण कई प्रकरण लंबे समय तक लंबित बने रहते हैं।

नई व्यवस्था के तहत नियुक्त नोडल अधिकारी अपने-अपने विभाग और अधीनस्थ कार्यालयों से आवश्यक जानकारी एकत्र कर राज्य सूचना आयोग को समय पर उपलब्ध कराएंगे। साथ ही आयोग में विचाराधीन प्रकरणों में जुर्माना, क्षतिपूर्ति और अन्य आवश्यक अभिलेखों की समयबद्ध प्रस्तुति सुनिश्चित करेंगे। इससे जवाबदेही तय होने के साथ विभागीय समन्वय भी बेहतर होगा।

लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर निर्धारित प्रारूप में उसकी जानकारी एक माह के भीतर भेजी जाए। साथ ही पालन प्रतिवेदन भी समय पर संचालनालय को उपलब्ध कराया जाए।

शिक्षा विभाग के इस निर्णय को सूचना के अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि नोडल अधिकारियों की नियुक्ति से सूचना आयोग में लंबित मामलों के निपटारे की प्रक्रिया तेज होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और जवाबदेही भी अधिक प्रभावी ढंग से तय हो सकेगी।