बिलासपुर। प्रतियोगी परीक्षाओं और सार्वजनिक परीक्षाओं में नकल तथा अन्य अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए छत्तीसगढ़ शासन ने सख्त कदम उठाया है। राज्य शासन ने बिलासपुर, रायपुर और कोरिया जिले के सत्र न्यायाधीश न्यायालयों को विशेष त्वरित अदालत के रूप में नामित किया है। इन अदालतों में सार्वजनिक परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़े मामलों की तेजी से सुनवाई की जाएगी।

कानून एवं विधायी कार्य विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, यह निर्णय सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 की धारा 12-क की उपधारा (2) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए लिया गया है। अधिसूचना में वर्ष 2026 में संशोधित अधिनियम के तहत आने वाले मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतें नामित की गई हैं।

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र के परामर्श के बाद जारी अधिसूचना के तहत बिलासपुर, रायपुर और कोरिया जिले के सत्र न्यायाधीश न्यायालय अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में ऐसे मामलों की सुनवाई करेंगे। कोरिया जिले की विशेष अदालत बैकुंठपुर में लगेगी।

छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव ने संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को अधिसूचना की प्रतियां और आवश्यक निर्देश जारी कर दिया है।

विशेष अदालतों के गठन का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़े मामलों का शीघ्र निपटारा करना और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कानूनी कार्रवाई को गति देना है।