रामानुजगंज (पृथ्वी लाल केशरी)… बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सबसे बड़े नगर रामानुजगंज में यातायात व्यवस्था लगातार अव्यवस्थित होती जा रही है। शहर के प्रमुख और सबसे व्यस्त चौराहे—चांदनी चौक, महामाया चौक, बस स्टैंड क्षेत्र, रंगीला चौक और लरंगसाय चौक—दिनभर भारी और हल्के वाहनों के दबाव से जूझते हैं। इसके बावजूद इन स्थानों पर नियमित यातायात पुलिस की तैनाती नहीं होने से वाहन संचालन पूरी तरह अनुशासन पर नहीं, बल्कि चालकों की मर्जी पर निर्भर दिखाई देता है।

सबसे अधिक परेशानी पंचमुखी चांदनी चौक पर देखने को मिलती है, जहां कई दिशाओं से वाहनों का आवागमन होता है। अव्यवस्थित पार्किंग, तेज रफ्तार और बिना किसी प्रभावी यातायात नियंत्रण के कारण यहां हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बार मामूली चूक भी बड़े हादसे का रूप लेने की स्थिति पैदा कर देती है।

शहरवासियों का कहना है कि वर्षों से स्थायी ट्रैफिक पुलिस की मांग उठती रही है, लेकिन अब तक यह व्यवस्था जमीन पर नहीं उतर सकी। केवल वीआईपी दौरों के दौरान कुछ समय के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती होती है, जबकि सामान्य दिनों में व्यस्त चौराहे बिना किसी नियमित निगरानी के संचालित होते हैं।

चिंता का एक बड़ा कारण नाबालिगों द्वारा दोपहिया वाहन चलाना भी है। बिना हेलमेट और बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के तेज रफ्तार में वाहन चलाने की घटनाएं आम होती जा रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित जांच अभियान और सख्त कार्रवाई से ही इस प्रवृत्ति पर अंकुश लगाया जा सकता है।

नागरिकों का यह भी कहना है कि कई सड़क दुर्घटनाओं के बाद मामले आपसी समझौते में सिमट जाते हैं, जिससे यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों में कानून का भय कम होता जा रहा है।

शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रमुख चौक-चौराहों पर स्थायी ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की जाए, नियमित वाहन जांच अभियान चलाया जाए, नाबालिग चालकों पर सख्त कार्रवाई हो तथा अवैध पार्किंग और तेज रफ्तार वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो बढ़ते यातायात दबाव के बीच सड़क दुर्घटनाओं का खतरा और गंभीर हो सकता है।