MP Weather-भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून अपने पूरे शबाब पर है, जिसके चलते प्रदेश के अधिकांश हिस्से भारी बारिश से तरबतर हो गए हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों के लिए प्रदेश के 41 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस जोरदार बारिश का कारण एक साथ सक्रिय हुईं पांच अलग-अलग मौसम प्रणालियाँ हैं, जिन्होंने पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में ले लिया है।

क्यों हो रही है इतनी बारिश? एक साथ 5 सिस्टम सक्रिय

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय प्रदेश पर एक साथ पांच शक्तिशाली मौसम प्रणालियाँ असर डाल रही हैं: यह वर्तमान में सूरतगढ़, सीकर, ग्वालियर और सीधी से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और इसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवाती परिसंचरण तंत्र बना हुआ है।

 हरियाणा के ऊपर भी एक चक्रवात सक्रिय है।एक द्रोणिका उत्तरी हरियाणा से लेकर बंगाल की खाड़ी तक बनी है, जो दक्षिणी उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश से होकर गुजर रही है। जम्मू के पास एक पश्चिमी विक्षोभ भी द्रोणिका के रूप में सक्रिय है।

MP Weather/इन सभी सिस्टमों के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में नमी का प्रवाह बढ़ गया है, जिससे भारी बारिश हो रही है।

इन जिलों में अति भारी बारिश (ऑरेंज अलर्ट)

मौसम विभाग ने रविवार-सोमवार के लिए ग्वालियर और चंबल संभाग के साथ-साथ ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, दमोह, बैतूल, हरदा, खंडवा, खरगोन, धार, झाबुआ, रतलाम, नीमच और मंदसौर में अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

यहां होगी भारी बारिश (येलो अलर्ट)

इसी तरह भोपाल, अलीराजपुर, बड़वानी, बुरहानपुर, इंदौर, देवास, सीहोर, उज्जैन, शाजापुर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, भिंड, दतिया, पन्ना और सतना में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

सोमवार को भी जारी रहेगा बारिश का दौर

14 जुलाई, सोमवार को भी इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, धार, अलीराजपुर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, बड़वानी, खरगोन, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश का अनुमान है। हालांकि, सोमवार से बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की उम्मीद है।

इस मानसून सीजन में मध्य प्रदेश में अब तक रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई है। 1 जून से 12 जुलाई तक प्रदेश में सामान्य 239.8 मिमी की तुलना में 420.3 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 75% अधिक है। कई जिलों में तो यह आंकड़ा 100 से 300 फीसदी तक ज्यादा है। लगातार हो रही बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं और बांधों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इसी के चलते शहडोल में बाणसागर बांध के सात, जबलपुर के बरगी बांध के पांच और उमरिया में जोहिला बांध के दो गेट खोले गए हैं।