बिलासपुर… जिले में अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के खिलाफ खनिज विभाग की कार्रवाई अब अदालत के फैसले तक पहुंच रही है। 66 मामलों में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और इनमें से एक मामले में न्यायालय ने दो आरोपियों को एक-एक साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। रेत के अवैध परिवहन के इस मामले में दोनों पर अर्थदंड भी लगाया गया है।

कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर खनिज विभाग ने राजस्व और पुलिस के साथ मिलकर अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ कार्रवाई तेज की है। कार्रवाई का दायरा कोटा, रतनपुर, सीपत, सिविल लाइन, सरकंडा, मस्तूरी, पचपेड़ी, चकरभाठा और हिर्री तक पहुंचा। इन थाना क्षेत्रों में दर्ज 66 प्रकरणों में एफआईआर की कार्रवाई की गई है।

इनमें सीपत क्षेत्र का एक प्रकरण अब सजा तक पहुंच चुका है। 30 सितंबर 2026 को विशेष न्यायाधीश, खान एवं खनिज अधिनियम, 1957, जिला बिलासपुर ने जलेश्वर कश्यप और अमर कुमार केंवट को दोषी ठहराते हुए दोनों को एक-एक साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 1000-1000 रुपये अर्थदंड और संबंधित धाराओं में 25-25 हजार रुपये का अतिरिक्त अर्थदंड लगाया गया।

रेत परिवहन में पकड़े गए, अदालत का फरमान

प्रकरण 16 अक्टूबर 2025 का है। ग्राम खैरा डगनिया स्थित जगशाला के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली सीजी 10 ए 0553 से रेत का अवैध परिवहन करते जलेश्वर कश्यप, पिता सुखदेव कश्यप, निवासी खैरा डगनिया और अमर कुमार केंवट, पिता संतकुमार केंवट, निवासी चोरहादेवारी को पकड़ा गया था। कार्रवाई के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली को सीपत पुलिस की अभिरक्षा में रखा गया।

प्रकरण न्यायालय में चला और 30 सितंबर को दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। 66 एफआईआर के बीच यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है कि कार्रवाई किए गए प्रकरणों में से एक अब दोषसिद्धि और कारावास तक पहुंच चुका है।

66 प्रकरणों में आगे की कार्रवाई

खनिज विभाग की कार्रवाई अवैध उत्खनन के साथ खनिजों के परिवहन और भंडारण से जुड़े मामलों में भी जारी है। दर्ज 66 एफआईआर में से अन्य प्रकरणों की न्यायालयीन प्रक्रिया चल रही है। आने वाले समय में इन मामलों के फैसले भी कार्रवाई की अगली तस्वीर सामने लाएंगे।

जिला खनिज अधिकारी के अनुसार, अवैध खनन और खनिज परिवहन के मामलों में कार्रवाई जारी है। राजस्व और पुलिस के साथ समन्वय कर प्रकरणों को न्यायालयीन प्रक्रिया में आगे बढ़ाया जा रहा है।