Investment Tips/दिल्ली/ अधिकांश लोगों के लिए 1 करोड़ रुपए का निवेश फंड आज भी एक बड़ा वित्तीय लक्ष्य माना जाता है। लेकिन इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए हमेशा बड़ी रकम निवेश करने की जरूरत नहीं होती। अगर आप सही समय पर निवेश शुरू करें, नियमित रूप से निवेश करते रहें और कंपाउंडिंग की ताकत का फायदा उठाएं, तो छोटी मासिक एसआईपी भी लंबे समय में बड़ा फंड तैयार कर सकती है।

जी हां, चलिए हम आपको कैलकुलेशन के जरिए बताते हैं कि कैसे कोई निवेशक सिर्फ 10 हजार रुपए हर महीने म्यूचुअल फंड में निवेश करके 1 करोड़ रुपए का फंड तैयार कर सकता है और इसमें कितना समय लग सकता है।

म्यूचुअल फंड में सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिए हर महीने एक तय राशि निवेश की जाती है। इससे बाजार में उतार-चढ़ाव का असर औसत हो जाता है और लंबे समय में बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना रहती है।

अगर कोई निवेशक हर महीने 10,000 रुपए की एसआईपी करता है और उसे औसतन 12 प्रतिशत सालाना रिटर्न मिलता है, तो लगभग 39 साल में उसका निवेश 1 करोड़ रुपए के आंकड़े को भी पार कर सकता है।

इस वधि में निवेशक अपनी ओर से कुल 46.80 लाख (10,000 रुपए × 12 महीने × 39 वर्ष) का निवेश करेगा। 12 प्रतिशत की अनुमानित वार्षिक कंपाउंडिंग के आधार पर उसे करीब 54.70 लाख रुपए का अनुमानित रिटर्न मिलेगा। इस तरह निवेश की अवधि पूरी होने पर उसका कुल फंड लगभग 1.01 करोड़ रुपए हो जाएगा। हालांकि, यह केवल एक अनुमानित गणना है। म्यूचुअल फंड बाजार आधारित निवेश हैं, इसलिए वास्तविक रिटर्न बाजार के प्रदर्शन के अनुसार अधिक या कम हो सकता है।

Investment Tips/ध्यान रहे, यह गणना 12 प्रतिशत के अनुमानित वार्षिक रिटर्न और मासिक कंपाउंडिंग के आधार पर की गई है। म्यूचुअल फंड का रिटर्न बाजार से जुड़ा होता है, इसलिए वास्तविक रिटर्न इससे अधिक या कम हो सकता है।

लंबी अवधि के निवेश में सबसे बड़ा फायदा कंपाउंडिंग का होता है। जितनी जल्दी आप एसआईपी शुरू करेंगे, आपका पैसा उतने अधिक समय तक बढ़ता रहेगा। यही कारण है कि कम मासिक निवेश भी लंबे समय में बड़ा फंड तैयार कर सकता है।

अगर निवेश कुछ वर्षों के लिए टाल दिया जाए, तो उसी लक्ष्य तक पहुंचने के लिए या तो अधिक समय लगेगा या फिर हर महीने ज्यादा निवेश करना पड़ेगा।

वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि केवल अधिक रिटर्न की उम्मीद करना ही पर्याप्त नहीं है। सबसे महत्वपूर्ण है कि निवेशक हर महीने बिना रुकावट एसआईपी जारी रखें, बाजार में गिरावट के समय घबराकर निवेश बंद न करें और लंबे समय तक निवेशित बने रहें। यही अनुशासित निवेश और कंपाउंडिंग का संयोजन समय के साथ बड़ी संपत्ति बनाने में आपकी मदद करता है।