बिलासपुर( मनीष जायसवाल) ।स्कूल शिक्षा विभाग के मिशन-90 प्लस सम्मान समारोह में जिले के शत-प्रतिशत बोर्ड परीक्षा परिणाम देने वाले स्कूलों, प्राचार्य और शिक्षकों को कलेक्टर संजय अग्रवाल और जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे ने सम्मानित किया था। इस समारोह में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बहतराई के रसायन शास्त्र के व्याख्याता विनय कुमार तिवारी को भी सम्मानित किया गया। उन्होंने बारहवीं कक्षा की रसायन विज्ञान विषय की बोर्ड परीक्षा में शत-प्रतिशत परिणाम देकर जिले और स्कूल का नाम रोशन किया है..!

विनय तिवारी ने छत्तीसगढ़ शासन, जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बताया कि रसायन विज्ञान मनुष्य के समग्र विकास में आधारभूत भूमिका निभाता है। छात्र अक्सर इस विषय से डरते हैं, लेकिन वास्तव में यही विषय उन्हें रोजगार की असीम संभावनाएं समाने लाता है।

विनय तिवारी बताते हैं कि रसायन विज्ञान को यदि केवल सूत्र और समीकरणों तक सीमित न मान कर जीवन और करियर से जोड़कर समझा जाए, तो यह हर विद्यार्थी के लिए भविष्य की दिशा तय करने वाला विषय साबित हो सकता है.. भोजन, दवा, वस्त्र, ऊर्जा, कृषि, उद्योग और पर्यावरण तक, जीवन के हर क्षेत्र में केमिस्ट्री की छाप है..।

विनय उदाहरण देते हुए कहते है कि दवा उद्योग में नई-नई औषधियों का निर्माण रसायन विज्ञान के बिना असंभव है..। आज फार्मास्युटिकल कंपनियों जैसे सिप्ला, डॉ. रेड्डीज़, और ग्लेनमार्क विश्वस्तर पर भारतीय युवाओं को रोजगार के अवसर पैदा कर रही है। ठीक ऐसे ही उर्वरक और कीटनाशक उद्योग, जो किसानों की उत्पादकता बढ़ाते है। सीधे रसायन विज्ञान पर आधारित है।
इसके अलावा पेट्रोकेमिकल सेक्टर, पॉलिमर उद्योग और कॉस्मेटिक निर्माण के क्षेत्रों में भी रसायन विज्ञान की गहरी भूमिका है।

विनय बताते है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज और इंडियन ऑयल जैसी कंपनियां पेट्रो केमिकल और पॉलिमर उत्पादन के लिए इंजीनियरों और वैज्ञानिकों को बड़े पैमाने पर रोजगार देती है। इसके अलावा खाद्य प्रसंस्करण और पेय पदार्थ निर्माण में भी रसायन विज्ञान का ज्ञान जरूरी है। यही वजह है कि इस क्षेत्र में गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षित विशेषज्ञों की मांग हमेशा रहती है।

विनय का कहना है कि आज की बदलती दुनिया में ग्रीन एनर्जी, नैनो टेक्नोलॉजी और मेडिकल रिसर्च तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, और इन सभी के केंद्र में रसायन विज्ञान है। जैसे सोलर पैनल की क्षमता बढ़ाने, बैटरी टेक्नोलॉजी सुधारने या कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाएं विकसित करने में केमिस्ट्री का ही योगदान है। जल शोधन संयंत्रों और पर्यावरण संरक्षण योजनाओं में भी रसायन विज्ञान की जानकारी रखने वाले युवाओं की आवश्यकता है।

विनय तिवारी का मानना है कि यदि विद्यार्थी इस विषय को व्यवहारिक जीवन से जोड़कर पढ़ें तो यह न केवल उनकी पढ़ाई को सरल बनाएगा, बल्कि उनमें शोध और खोज की प्रवृत्ति को भी बढ़ाएगा। छोटे-छोटे प्रयोग और जीवन से जुड़े उदाहरण विद्यार्थियों को यह समझने में मदद करते हैं कि केमिस्ट्री केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन और करियर दोनों को दिशा देने वाला विषय है।