मौसम का हाई अलर्ट/दिल्ली। देश के कई हिस्सों में कुदरत का मिजाज एक बार फिर तल्ख होने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2 अगस्त को लेकर देश के कई राज्यों में भीषण बारिश, कड़कती बिजली और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग की मानें तो आने वाले कुछ दिन उत्तर और पूर्वी भारत के लिए काफी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, क्योंकि कुछ इलाकों में न केवल मूसलाधार बारिश होगी, बल्कि ओलावृष्टि की भी प्रबल संभावना है। खराब मौसम के इस पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। तेज हवाओं के कारण पेड़ों के गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा बना हुआ है, जिसका सीधा असर आम जनजीवन और किसानों की फसलों पर पड़ सकता है।

पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में स्थिति विशेष रूप से गंभीर रह सकती है। उत्तराखंड के बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल और चमोली सहित कई जिलों में 2 से 4 अगस्त के बीच भारी बारिश का अनुमान है।

इस दौरान हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जो पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन के खतरे को भी बढ़ा सकती है। वहीं हिमाचल प्रदेश के शिमला, मनाली, चंबा और कांगड़ा जैसे इलाकों में भी मौसम बिगड़ने की चेतावनी दी गई है। मनाली में तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, जहां दिन का पारा 17 डिग्री और रात का 11 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को नदी-नालों से दूर रहने की हिदायत दी गई है।

पूर्वी भारत के राज्य झारखंड में भी मानसून की सक्रियता बढ़ने वाली है। राज्य के रांची, बोकारो, धनबाद और जमशेदपुर जैसे प्रमुख शहरों सहित कई जिलों में 2 और 3 अगस्त को मूसलाधार बारिश के साथ वज्रपात (बिजली गिरने) की आशंका जताई गई है। राजधानी रांची में बादलों के डेरे के बीच तापमान 24 से 30 डिग्री के बीच बना रहेगा।

इसके साथ ही, मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर भारत और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ इलाकों में भी भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की बात कही है। दक्षिण-पूर्व राजस्थान के ऊपर बना दबाव का क्षेत्र हालांकि अब धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है, लेकिन इसकी वजह से पड़ोसी राज्यों में नमी और बादलों की आवाजाही बनी रहेगी।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून की यह सक्रियता अगले कुछ दिनों तक बनी रहेगी, जिससे तापमान में तो गिरावट आएगी लेकिन बुनियादी ढांचे और कृषि को नुकसान पहुंच सकता है। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखें और आंधी-तूफान के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।