गांव से ग्राउंड तक: ओलंपिक 2026 में तलाशे जाएंगे नए खिलाड़ी, 29 जनवरी से मुकाबले
राजपुर और वाड्रफनगर में पांच दिन तक खेलों की गूंज, एथलेटिक्स से फुटबॉल तक 12 खेल शामिल

बलरामपुर…ग्रामीण अंचलों की कच्ची पगडंडियों और शहरी मैदानों में छिपी खेल प्रतिभाओं को एक मंच देने के लिए सरगुजा ओलंपिक 2026 की शुरुआत 29 जनवरी से हो रही है। विकासखण्ड स्तर पर आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं और युवाओं को अपनी खेल क्षमता साबित करने का अवसर मिलेगा।
सरगुजा ओलंपिक के तहत इस बार 12 अलग-अलग खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं, जिनमें एथलेटिक्स, कबड्डी, खो-खो, फुटबॉल, वॉलीबॉल, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, तीरंदाजी, कराटे और रस्सा-कशी जैसे खेल शामिल हैं। प्रतियोगिताएं विकासखण्ड से शुरू होकर जिला और संभाग स्तर तक पहुंचेंगी।
राजपुर में 29 जनवरी से खेलों का आगाज़
विकासखण्ड राजपुर में 29 जनवरी से 3 फरवरी तक लगातार प्रतियोगिताएं होंगी। पहले दिन दौड़, गोला फेंक, भाला फेंक, तीरंदाजी और कूद स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी।
30 जनवरी को कबड्डी, खो-खो और वॉलीबॉल के मुकाबले होंगे, जबकि 31 जनवरी से फुटबॉल, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, रस्सा-कशी और कराटे की प्रतियोगिताएं शुरू होंगी। अलग-अलग खेलों के लिए राजपुर के स्कूल और कॉलेज मैदानों को आयोजन स्थल बनाया गया है।
वाड्रफनगर में भी मैदान सजेगा
विकासखण्ड वाड्रफनगर में 29 जनवरी को एथलेटिक्स, खो-खो और कबड्डी, जबकि 30 जनवरी को फुटबॉल, वॉलीबॉल, बैडमिंटन, रस्सा-कशी और तीरंदाजी प्रतियोगिताएं होंगी। यहां 14 से 17 वर्ष आयु वर्ग के साथ ही 17 वर्ष से अधिक आयु के महिला और पुरुष खिलाड़ी भाग लेंगे।
ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य
प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण जरूरी रखा गया है। खिलाड़ियों को पहचान पत्र साथ लाना होगा और उन्हें निर्धारित समय से पहले आयोजन स्थल पर पहुंचना अनिवार्य होगा। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में खिलाड़ी की भागीदारी रद्द की जा सकती है।
खेल संस्कृति को मजबूत करने की कोशिश
सरगुजा ओलंपिक का मकसद केवल प्रतियोगिता कराना नहीं, बल्कि गांव और शहर दोनों क्षेत्रों के युवाओं में खेल के प्रति रुचि बढ़ाना और ऐसी प्रतिभाओं को आगे लाना है, जो संसाधनों के अभाव में अब तक पहचान से दूर रही हैं।





