धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से नौकरी लगाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है, जहां आरोपी ने समग्र शिक्षा में नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया और 9 लाख रुपए ठग लिए। इतना ही नहीं मामले में कुटरचित चेक और फर्जी NEFT किए जाने का भी आरोप है। 

यह पूरा मामला मगरलोड थाना क्षेत्र का है। करेलीबड़ी निवासी हरिशचंद साहू ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया है कि जुलाई 2025 में व्यवसायिक शिक्षक की परीक्षा के परिणाम को लेकर हुई हड़ताल के दौरान उसकी मुलाकात योगेन्द्र कुमार देवांगन से हुई थी। योगेन्द्र ने समग्र शिक्षा कंपनी में नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया और इसके लिए प्रति व्यक्ति ढाई लाख रुपये की मांग की।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बाद उसने अपने दोस्तों देवेश कुमार साहू और पुलस्त कुमार खुरसुनी की नौकरी लगवाने के लिए भी योगेन्द्र से बात की। अगस्त 2025 से अलग-अलग समय में ऑनलाइन माध्यम से रकम भेजने का सिलसिला शुरू हुआ।

हरिशचंद के मुताबिक, जनवरी 2026 में उसका ऑनलाइन परीक्षा और इंटरव्यू हुआ, जिसके बाद उसका चयन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नरतोरा के लिए हो गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि चयन के बाद योगेन्द्र ने दोस्तों की नौकरी लगवाने और बाकी रकम देने की बात कही।

शिकायतकर्ता का दावा है कि अलग-अलग UPI स्कैनर और खातों के माध्यम से उसके और उसके दो दोस्तों के नाम पर कुल 6 लाख 39 हजार रुपये ऑनलाइन भेजे गए, जबकि 2 लाख 50 हजार रुपये नगद उसके घर करेलीबड़ी में लिए गए। इस तरह कुल रकम करीब 9 लाख रुपये होने का आरोप लगाया गया है।

शिकायत के अनुसार, जब एक दोस्त की नौकरी नहीं लगने पर रकम वापस मांगी गई, तो मार्च 2026 में ढाई लाख रुपये का एक चेक दिया गया। आरोप है कि बैंक में चेक लगाने पर हस्ताक्षर का मिलान नहीं होने के कारण चेक कैंसिल हो गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने कथित तौर पर रकम वापस मांगने पर फर्जी NEFT के जरिए 50 हजार रुपये भेजे जाने का भी आरोप लगाया है। वहीं बाकी रकम वापस करने के लिए 30 अप्रैल 2026 तक का समय मांगे जाने की बात आवेदन में कही गई है।