सक्ती…गोल्ड लोन का नवीनीकरण कराने और ऋण अवधि बढ़ाने का झांसा देकर करीब 90 लाख रुपये की संगठित ठगी करने वाले गिरोह का सक्ती पुलिस ने खुलासा किया है। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक महिला आरोपी अब भी फरार है। पुलिस का कहना है कि गिरोह सुनियोजित तरीके से लोगों का भरोसा जीतकर उनके खातों से बड़ी रकम अपने खातों में ट्रांसफर कराता था।

बाराद्वार थाना क्षेत्र के ग्राम जेठा निवासी मूलचंद राठौर ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने खुद को गोल्ड लोन से जुड़ी प्रक्रिया का जानकार बताते हुए उनके परिवार को सोने के आभूषणों का रिन्यूअल और ऋण अवधि बढ़ाने का भरोसा दिलाया। भरोसे में आए परिवार ने अलग-अलग बैंक खातों से यूपीआई, एनईएफटी, आरटीजीएस और आईएमपीएस के माध्यम से कुल 90 लाख 28 हजार 500 रुपये आरोपियों के खातों में भेज दिए।

जांच में सामने आया कि यह पूरा फर्जीवाड़ा 31 अक्टूबर 2025 से 5 मई 2026 के बीच अंजाम दिया गया। रकम वापस नहीं मिलने पर पीड़ित ने बाराद्वार थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई।

पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज राम गोपाल गर्ग और पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक लेन-देन की पड़ताल के आधार पर पेण्ड्रा और बिलासपुर में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान पेण्ड्रा निवासी रेखा राठौर और अफरोज खान तथा बिलासपुर निवासी सुभाष कुमार साहू को गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ में तीनों आरोपियों ने धोखाधड़ी में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। पुलिस ने उन्हें न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। मामले में शामिल एक अन्य आरोपी पुष्पांजली राठौर अभी फरार है, जिसकी तलाश लगातार जारी है।

थाना प्रभारी नरेन्द्र यादव के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई को जिले की बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आर्थिक अपराधों और साइबर ठगी से जुड़े मामलों में शामिल आरोपियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त अभियान जारी रहेगा।