फेयरवेल की मस्ती या मौत का न्योता? सड़क पर छात्रों का खतरनाक खेल
हूटर, रफ्तार और स्टंट—युवाओं का जश्न बना कानून के लिए चुनौती

सूरजपुर( पृथ्वी लाल केशरी)…फेयरवेल पार्टी का जश्न जब कानून की सीमाएं लांघ दे, तो वह खुशी नहीं बल्कि खतरा बन जाता है। सूरजपुर जिले में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां छात्रों ने फेयरवेल के बाद सड़कों को स्टंट का मैदान बना दिया। खुलेआम ट्रैफिक नियमों की अनदेखी, तेज रफ्तार कारें, हूटर और चलती गाड़ियों से बाहर लटकते छात्र—इस पूरे घटनाक्रम ने राहगीरों और वाहन चालकों को दहशत में डाल दिया।
बताया जा रहा है कि एक निजी स्कूल में आयोजित फेयरवेल पार्टी के बाद छात्रों ने “टशन” दिखाने के नाम पर सार्वजनिक सड़कों पर खतरनाक करतब शुरू कर दिए। किसी ने कार की खिड़की से बाहर निकलकर वीडियो बनाया, तो कोई छत पर खड़ा होकर नारेबाजी करता दिखा। सुरक्षा का नामोनिशान तक नहीं था।
हूटर और तेज रफ्तार का खौफ
वायरल वीडियो में साफ नजर आता है कि कई कारें काफिले के रूप में तेज गति से चल रही हैं। गाड़ियों में हूटर बजाए जा रहे हैं, जिससे आम लोगों को न सिर्फ असुविधा हुई, बल्कि किसी बड़े हादसे का खतरा भी बना रहा। यह लापरवाही सिर्फ स्टंट करने वालों के लिए नहीं, बल्कि सड़क पर मौजूद हर व्यक्ति के लिए जानलेवा साबित हो सकती थी।
वीडियो वायरल होते ही पुलिस हरकत में
इस पूरी स्टंटबाजी का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आते ही पुलिस तक पहुंच गया। वीडियो के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पांच कारों की पहचान कर उन्हें जब्त कर लिया। मामले में मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि वाहनों में हूटर किस नियम के तहत लगाए गए थे।
पुलिस का सख़्त संदेश
पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि जश्न मनाने की आज़ादी है, लेकिन कानून तोड़ने की नहीं। इस तरह की लापरवाही न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि जानलेवा भी हो सकती है। आगे भी ऐसी घटनाओं पर सख़्त कार्रवाई जारी रहेगी।





