राजनांदगांव। दिवाली के त्योहार के बीच राजनांदगांव नगर निगम के सामने कर्मचारियों को समय पर वेतन देने की चुनौती खड़ी हो गई है। नियमित कर्मचारियों को जहां एक-दो महीने के अंतराल पर वेतन मिलने की बात सामने आ रही है, वहीं ठेके पर कार्यरत सफाईकर्मियों को कथित तौर पर करीब छह महीने से भुगतान नहीं हुआ है।

वेतन में देरी से कर्मचारियों और ठेकेदारों पर दबाव बढ़ रहा है। दूसरी ओर, कमजोर राजस्व वसूली के कारण निगम की आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ रहा है।

जानकारी के मुताबिक, ठेकेदार निगम प्रशासन से भुगतान नहीं मिलने का हवाला देकर किसी तरह सफाईकर्मियों से काम करवा रहे हैं। लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों में नाराजगी है। त्योहार के समय भुगतान की जरूरत और बढ़ गई है, लेकिन निगम के पास पर्याप्त राजस्व नहीं आने से समय पर वेतन देना मुश्किल नजर आ रहा है।

हर साल बजट में कर्मचारियों को निर्धारित समय पर वेतन देने का लक्ष्य रखा जाता है, लेकिन मौजूदा स्थिति में इस लक्ष्य को पूरा करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

नगर निगम के राजस्व आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में कुल राजस्व मांग के मुकाबले 45.71 प्रतिशत वसूली हुई है।

निगम को संपत्ति कर, समेकित कर, जल कर, दुकान किराया, विज्ञापन होर्डिंग्स के किराये और अन्य मदों से आय होती है। अधिकारियों के मुताबिक, जल कर से सबसे अधिक 7 करोड़ 45 लाख रुपये की मांग है, लेकिन अब तक 2 करोड़ 66 लाख रुपये ही वसूल किए जा सके हैं।

समेकित कर की कुल मांग 2 करोड़ 74 लाख रुपये बताई गई है। इसके मुकाबले 1 करोड़ 6 लाख रुपये की वसूली हुई है, जो कुल मांग का करीब 37.7 प्रतिशत है। इसी तरह, वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में दुकान किराये के मद में 1 करोड़ 67 लाख रुपये की मांग के मुकाबले 71 लाख 88 हजार रुपये ही प्राप्त हुए हैं।

दुकानों की बिक्री के प्रीमियम और भवन राशि के मद में भी वसूली अपेक्षाकृत कम रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2 करोड़ 16 लाख 48 हजार रुपये की मांग के मुकाबले 61 लाख 12 हजार रुपये प्राप्त हुए हैं। यह कुल मांग का लगभग 28.23 प्रतिशत है। इन आंकड़ों से निगम की राजस्व वसूली में कमी का अंदाजा लगाया जा सकता है, जिसका असर कर्मचारियों के वेतन भुगतान की व्यवस्था पर पड़ रहा है।

बताया जा रहा है कि राजस्व वसूली बढ़ाने के लिए राजस्व निरीक्षकों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है।

सीमित कर्मचारियों के भरोसे नगर निगम के 51 वार्डों में वसूली का काम संभालना भी चुनौती बना हुआ है। निगम आयुक्त जीआर मरकाम ने वसूली को लेकर सख्ती बरती है और अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ मैदान में उतरकर राजस्व जुटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके बावजूद फिलहाल वेतन भुगतान के लिए पर्याप्त राशि जुटने की स्थिति स्पष्ट नहीं है।