सुप्रीम कोर्ट का सीधा निर्देश: हाईकोर्ट बार एसोसियेशन चुनाव में महिला अधिवक्ताओं को 30 फीसदी प्रतिनिधित्व
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बदलेगा चुनावी गणित

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट बार एसोसियेशन चुनाव में इस बार महिला अधिवक्ताओं का 30 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा। स्टेट बार काउंसिल के सचिव ने इस संबंध में चुनाव के लिए नियुक्त प्रशासक समिति को सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन सुनिश्चित करने हेतु आधिकारिक पत्र भेजा है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट बार एसोसियेशन चुनाव की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। आगामी 12 फरवरी को मतदान और अगले दिन मतगणना प्रस्तावित है। नामांकन प्रक्रिया जारी है और कई प्रत्याशी अधिवक्ता मतदाताओं से जनसंपर्क में जुट चुके हैं। इसी बीच स्टेट बार काउंसिल ने चुनाव की पारदर्शिता और समावेशिता को लेकर महत्वपूर्ण पहल की है।
स्टेट बार काउंसिल सचिव अमित वर्मा द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता एच.बी. अग्रवाल, अधिवक्ता राज अवस्थी एवं राजेश कुमार केशरवानी (प्रशासक समिति) को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि उच्चतम न्यायालय के आदेश दिनांक 24 मार्च 2025 का अक्षरशः पालन किया जाना अनिवार्य है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में “दीक्षा एन. अमृतेश बनाम स्टेट ऑफ कर्नाटक एवं अन्य” (एसएलपी (सिविल) क्रमांक 1404/2025) में यह स्पष्ट निर्देश दिया है कि जिला, तालुका एवं अन्य अधिवक्ता संघों के पदाधिकारियों और कार्यकारिणी समिति के निर्वाचन में महिला अधिवक्ताओं का न्यूनतम 30 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए। इसी के अनुरूप हाईकोर्ट बार एसोसियेशन चुनाव में भी महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
न्यायपालिका में महिलाओं की भागीदारी
न्यायिक और विधिक संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी के आंकड़े चिंता जताते हैं। वर्तमान में 20 सदस्यीय बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) में एक भी महिला सदस्य नहीं है। वहीं स्टेट बार काउंसिल्स में 441 प्रतिनिधियों में से केवल 9 महिलाएं हैं।
स्वतंत्रता के बाद से अब तक सुप्रीम कोर्ट में केवल 11 महिला न्यायाधीश नियुक्त हुई हैं, जबकि उच्च न्यायालयों में मात्र 13.4 प्रतिशत न्यायाधीश महिलाएं हैं। हालांकि, जिला न्यायपालिका में महिलाओं की भागीदारी अपेक्षाकृत बेहतर है, जहां 36.3 प्रतिशत न्यायाधीश महिलाएं हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जिन राज्य बार काउंसिल्स में अभी चुनाव अधिसूचित नहीं हुए हैं, वहां 30 प्रतिशत सीटें महिला अधिवक्ताओं के लिए आरक्षित की जाएंगी। हाईकोर्ट बार एसोसियेशन चुनाव में यह निर्णय इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




