CG: रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने प्रदेश के लाखों शासकीय कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केंद्र सरकार के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता (DA) एवं महंगाई राहत (DR) स्वीकृत करने की मांग की है। फेडरेशन ने मांग को लेकर मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव को विस्तृत मांग पत्र सौंपने का निर्णय लिया है। फेडरेशन ने प्रदेश में महंगाई भत्ते के लिए “एक राज्य, एक समान DA” की व्यवस्था लागू करने तथा लंबित महंगाई भत्ता एरियर्स की संपूर्ण राशि कर्मचारियों के GPF खाते में समायोजित करने की मांग की है।

फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के शासकीय कर्मचारी प्रदेश की विकास यात्रा एवं सुशासन की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद महंगाई भत्ते के मामले में कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केंद्र सरकार के समान देय तिथि से लाभ नहीं मिलना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। महंगाई पूरे देश में समान रूप से प्रभाव डालती है, ऐसे में महंगाई भत्ते के भुगतान में अलग-अलग मापदंड अपनाना कर्मचारियों के साथ न्यायसंगत नहीं है।

उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के संकल्प पत्र में मोदी की गारंटी के माध्यम से कर्मचारियों की अपेक्षाओं को बल मिला था। सरकार के लगभग तीन वर्ष पूर्ण होने की ओर अग्रसर होने के बावजूद केंद्र के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता देने के संबंध में स्थायी नीति निर्धारित नहीं किया जाना कर्मचारियों में असंतोष उत्पन्न कर रहा है।

फेडरेशन ने मध्यप्रदेश सरकार की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश की भांति छत्तीसगढ़ में भी महंगाई भत्ते का लाभ वास्तविक देय तिथि से दिया जाना चाहिए। फेडरेशन ने दीपावली के पूर्व लंबित 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता जुलाई 2026 से स्वीकृत करने तथा वर्तमान में स्वीकृत 2 प्रतिशत महंगाई भत्ते के आदेश में संशोधन कर जनवरी 2026 से लाभ प्रदान करने की मांग की है।

फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि महंगाई भत्ता कर्मचारियों के वेतन का महत्वपूर्ण घटक है, न कि शासन की कोई कृपा अथवा अनुदान। कर्मचारियों एवं पेंशनरों को समय पर महंगाई से राहत देना शासन की जिम्मेदारी है। इसलिए केंद्र सरकार द्वारा महंगाई भत्ते की दर घोषित किए जाने पर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा भी बिना अनावश्यक विलंब के उसी देय तिथि से महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत स्वीकृत करने की स्थायी व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।

फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार मध्यप्रदेश की भांति दीपावली के पूर्व महंगाई भत्ते का एरियर्स सहित भुगतान नहीं करती है, तो फेडरेशन प्रदेशभर में उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। फेडरेशन ने कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगों की अनदेखी होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।

फेडरेशन को पूर्ण विश्वास है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार प्रदेश के लाखों कर्मचारियों एवं पेंशनरों की भावनाओं का सम्मान करते हुए दीपावली के पावन पर्व पर आर्थिक राहत प्रदान करने का संवेदनशील निर्णय लेगी। कर्मचारियों की जायज अपेक्षाओं का समयबद्ध समाधान शासन एवं कर्मचारियों के मध्य विश्वास के संबंध को और मजबूत करेगा।