DA hike,CG News: रायपुर। दो फीसदी महंगाई भत्ता को लेकर शिक्षक व कर्मचारी संगठनों ने विरोध जताया है। अधिकांश शिक्षक व कर्मचारी संगठनों ने केंद्र के समान डीए की मांग की है। एरियर्स की मांग भी तेजी के साथ उठने लगी है।

मिली जानकारी मुताबिक संगठनों के बीच सरकार के फैसले से विरोध की लहर ज्यादा दिखाई दे रही है।सर्व शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप पाण्डेय के अनुसार छत्तीसगढ़ में 2 प्रतिशत महंगाई भत्ते (DA) की घोषणा 1 नवंबर 2026 से की गई है, जो ऊंट के मुंह में जीरा के समान है।

कर्मचारियों का DA जो जनवरी 2026 से 2 प्रतिशत बढ़ना था,उसे नवंबर 2026 से दिया जा रहा है, जो एक तरह से कर्मचारियों का आर्थिक शोषण है।

भाजपा के घोषणा पत्र में, जिसे इन्होंने “मोदी की गारंटी” का नाम दिया था, इन्होंने स्वयं लिखा था कि केंद्र के समान DA कर्मचारियों को देंगे। केंद्र के समान DA तो छोड़िए, जब ये देते हैं तो 8 से 10 महीने के एरियर की राशि को भी नकार देते हैं। इससे कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है और ये अपने ही घोषणा पत्र को पूरा नहीं कर पा रहे हैं, जो कर्मचारियों के लिए काफी नुकसानदेह साबित हो रहा है। कर्मचारी इससे काफी दुखी हैं और आक्रोश में हैं।

आज भी केंद्र में 3 प्रतिशत DA बढ़ चुका है, अब केंद्र के कर्मचारियों को 63 प्रतिशत DA जुलाई से मिलेगा, लेकिन राज्य के कर्मचारियों को अभी 60 प्रतिशत DA मिलेगा, वह भी नवंबर से मिलेगा, जिसे जनवरी 2026 से मिलना चाहिए था। इस तरह से कर्मचारियों का आर्थिक शोषण बंद होना चाहिए और केंद्र जब DA बढ़ाए, उसी तिथि से ही छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को भी DA मिलना चाहिए।

मोदी की गारंटी नहीं कर पाए पूरी

छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रांतीय अध्यक्ष राजेश चटर्जी ने कहा है, शासकीय सेवकों,पेंशनर्स के लिए मोदी की गारंटी लागू करने में राज्य सरकार फेल हो गई है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनरों को 63 % DA, राज्य में DR 58 % दिया जा रहा है। क्या छत्तीसगढ़ के कर्मचारी, पेंशनर पर महंगाई का प्रभाव नहीं पड़ रहा है।

भारत सरकार द्वारा महंगाई भत्ते (Dearness Allowance – DA) और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत (DR) में 1 जुलाई 2026 से 3% की वृद्धि को मंजूरी दी गई है। केंद्रीय कैबिनेट द्वारा लिए गए इस बढ़ोतरी का मुख्य आधार 7 वें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत तय किए गए विशेष फॉर्मूले के आधार पर की गई है।

सरकार प्रत्येक 6 महीने में महंगाई भत्ते में संशोधन करती है। जुलाई 2026 के इस संशोधन का मुख्य आधार पिछले 12 महीनों (जुलाई 2025 से जून 2026) के खुदरा मुद्रास्फीति या रिटेल महंगाई के AICPI-IW के औसत आंकड़े हैं। इस सूचकांक के डेटा के गणितीय आकलन के बाद,जुलाई 26 से 3% की वृद्धि हुआ है।

इसका मुख्य उद्देश्य बढ़ती हुई कीमतों और महंगाई की प्रतिपूर्ति कर कर्मचारियों और पेंशनर्स की क्रय शक्ति को बनाए रखना होता है। भारत सरकार के निर्णय से देश के लगभग 48.54 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68.71 लाख पेंशनभोगियों को नवंबर 26 से उनकी सैलरी/पेंशन के साथ जोड़कर मिलेगा। चूंकि यह दर 1 जुलाई 2026 से प्रभावशील है, इसलिए कर्मचारियों को जुलाई 26 से अक्टूबर 26 तक के महीनों का बकाया एरियर्स भी मिलेगा।

पदाधिकारियों ने उठाए गंभीर सवाल?

छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी एवं संभागीय मंत्री अरुण देवांगन, जिलाध्यक्ष बस्तर डॉ अखिलेश कुमार त्रिपाठी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष आनंद अय्यर निरंजन दास, कोषाध्यक्ष अशोक यादव, अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ पूर्णिमा देहारी का सवाल है कि क्या राज्य में कार्यरत केंद्रीय तथा छत्तीसगढ़ के कर्मचारी, पेंशनर पर महंगाई का प्रभाव एक समान नहीं है ?

उन्होंने जुलाई 2025 से जून 2026 तक AICPIN का जानकारी दिया कि जुलाई 2025 में 146.5,अगस्त 2025 में 147.1,सितंबर 2025 में147.3,अक्टूबर 2025 में 147.7,नवंबर 2025 में 148.2,दिसंबर 2025 में 148.2,जनवरी 2026 में 148.6,फरवरी 2026 में 148.5,मार्च 2026 में 149.1,अप्रैल 2026 में 149.9,मई 2026 में 150.8 और जून 2026 में 151.9 था।इन 12 महीनों के आंकड़ों का औसत 148.65 आधार पर जुलाई 2026 से महंगाई भत्ता/राहत (DA/DR) में 3% का वृद्धि हुआ है। अब जुलाई 26 से DA 60% से बढ़कर 63% हो गया है।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य के कर्मचारी एवं पेंशनर को जनवरी 26 से 58 % महंगाई भत्ता (DA) एवं महंगाई राहत (DR) मिल रहा है। जोकि केन्द्र में जुलाई 25 से 58 % DA/DR था। जुलाई 25 से अक्टूबर 26 तक कुल 16 माह में 58 % पर वेतन/पेंशन राज्य सरकार द्वारा दिया जा रहा है। जबकि केन्द्र सरकार जनवरी 26 से 60 % तथा जुलाई 26 से 63 % पर वेतन/पेंशन दिया गया है। लेकिन राज्य सरकार ने जुलाई 25 का 58 % DA/DR को जनवरी 26 से स्वीकृत किया है। ऐसे स्थिति में जनवरी 26 से 60 % एवं जुलाई 26 से 63 % DA/DR स्वीकृति के मामले में राज्य सरकार मौन धारण किया हुआ है। फेडरेशन ने देय तिथि से DA/DR स्वीकृत करने का मांग मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं वित्त मंत्री ओपी चौधरी से किया है। पदाधिकारियों ने जोर देते हुए कहा, मौजूदा वित्त मंत्री ने विधानसभा चुनाव 2023 के पूर्व अपने वीडियो संदेश में महंगाई भत्ता को कर्मचारियों का मौलिक अधिकार बताया था।

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने कहा: 10 माह के एरियर्स की राशि पर कैची चलाना नाइंसाफी

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने राज्य सरकार से मांग की है कि प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केंद्र सरकार के समान जुलाई 2026 से 63% महंगाई भत्ता (DA) देने का अविलंब आदेश जारी किया जाए।

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा 29 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी कर केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 60% से बढ़ाकर 63% कर दिया गया है, जो कि 1 जुलाई 2026 से देय है। दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया (X/ट्विटर) के माध्यम से प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते व राहत में 2% वृद्धि कर इसे 58% से 60% करने (1 नवंबर 2026 से प्रभावी) की जानकारी दी है।

प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा घोषित 60% महंगाई भत्ता केंद्र की तुलना में अभी भी 3% कम है।

केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ते को जुलाई 2026 से लागू किया है, जबकि राज्य में 1 नवंबर से वृद्धि की बात कही गई है। 2% महंगाई भत्ता जनवरी 2026 के बजाय नवम्बर 2026 से लागू करना निराशाजनक है। पूरी दीपावली पूर्व डीए 58% के देय वेतन से मनाना पड़ेगा, फिर कर्मचारियों को कैसी खुशी होगी?

इससे राज्य के शासकीय शिक्षकों, कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन मांग करता है कि राज्य सरकार कर्मचारियों के व्यापक हित में पुनर्विचार कर उदारता दिखाते हुए केंद्र की तर्ज पर 1 जुलाई 2026 से 63% महंगाई भत्ता व महंगाई राहत स्वीकृत करने का संशोधित आदेश शीघ्र जारी करे।

शालेय शिक्षक संघ ने किया स्वागत और ये कहा

शालेय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री द्वारा 2% DA देने की घोषणा का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया है साथ ही 3% लंबित महंगाई भत्ते शीघ्र जारी करने की मांग की है। छत्तीसगढ़ में अब 60% महँगाई भत्ता हो गया जो कि केंद्र से 3% कम है

यह मंहगाई भत्ता 01 जनवरी 2026 से मिलना चाहिए था , जिसे 01 नवंबर 2026 से दिया जा रहा है । इस तरह कर्मचारियों को 10 महीने का नुकसान हुआ है । पहले यह नियत तिथि से लागू किया जाता था और पिछले समय का राशि एरियर्स के तौर पर कर्मचारियों को मिलता था । केन्द्र सरकार आज भी दे रही है लेकिन राज्य सरकार इस राशि को बचाने के लिए नियत तिथि के बजाय वर्तमान तिथि से लागू कर रही है जिससे कर्मचारियों को इस बार ही औसतन 8000 का नुकसान हो रहा है ।