रायगढ़…शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का भरोसा, वॉट्सऐप पर कंपनी का पोर्टफोलियो और स्क्रीन पर बढ़ती कमाई का आंकड़ा। निवेश की रकम निकालने की बारी आई तो पैसा ही नहीं मिला। रायगढ़ के एक डॉक्टर के साथ 34.17 लाख रुपये की कथित साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने इंदौर से तीन युवतियों समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में म्यूल बैंक खातों के जरिए रकम इधर-उधर करने और बड़ी संख्या में सिम कार्ड के इस्तेमाल के संकेत मिले हैं।

पुलिस के मुताबिक, सोनकरपारा निवासी डॉ. दिलीप कुमार मिश्रा को मार्च 2025 में सुनील नाम के व्यक्ति ने शेयर ट्रेडिंग में निवेश का प्रस्ताव दिया था। वॉट्सऐप पर कंपनी का पोर्टफोलियो भेजकर बेहतर मुनाफे का भरोसा दिलाया गया। इसके बाद डॉक्टर ने 28 अप्रैल 2025 से 3 अप्रैल 2026 के बीच कुल 34 लाख 17 हजार 531 रुपये निवेश किए। ऑनलाइन खाते में मुनाफा बढ़ता दिखाई देता रहा, लेकिन रकम निकालने की कोशिश पर भुगतान नहीं हुआ। ठगी का संदेह होने पर डॉक्टर ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।

खाते में रकम आई.. पहुंचा शिकायत लेकर

जांच में रायगढ़ निवासी सूरज शर्मा का बैंक खाता सामने आया। पुलिस के अनुसार, सूरज ने खुद खाते में रकम आने और बैंक खाता फ्रीज होने की शिकायत की थी। हालांकि, जांच के दौरान उसके खाते का इस्तेमाल कथित ठगी की रकम के लेनदेन में होने और इसके बदले कमीशन मिलने के संकेत मिले। इसी कड़ी में पुलिस को एक मोबाइल नंबर के जरिए इंदौर में बैठे संदिग्धों तक पहुंचने का सुराग मिला।

इसके बाद पुलिस ने इंदौर के पलासिया इलाके में एक कॉल सेंटर समेत अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी। कार्रवाई में गायत्री विश्वकर्मा, तनिषा पाटिल, ज्योति मालवीय, तरुण नागर और सूरज शर्मा को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि निवेश के नाम पर जुटाई गई रकम किन खातों में पहुंची और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।

150 तक सिम कार्ड जुटाने की जांच

पुलिस की शुरुआती जांच में साइबर ठगी की रकम को म्यूल बैंक खातों के जरिए अलग-अलग खातों में स्थानांतरित करने की बात सामने आई है। साथ ही, साइबर अपराध में इस्तेमाल के लिए 140 से 150 तक सिम कार्ड उपलब्ध कराने के संकेत भी मिले हैं। आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और आपसी संपर्कों की पड़ताल की जा रही है।

रायगढ़ के एसएसपी शशि मोहन सिंह ने लोगों से अपील की है कि अधिक मुनाफे के लालच में अनजान कंपनियों या व्यक्तियों के कहने पर निवेश न करें। बैंक खाते, सिम कार्ड और पहचान संबंधी दस्तावेज किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए देना भी जोखिम भरा हो सकता है।