बलरामपुर (पृथ्वी लाल केशरी)… शिक्षकों के संलग्नीकरण में शासन के नियमों की अनदेखी और स्वेच्छाचारिता के आरोप में बलरामपुर जिले के समग्र शिक्षा के जिला मिशन समन्वयक चंद्रभूषण प्रसाद को निलंबित कर दिया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ ने 28 अक्टूबर 2026 को निलंबन आदेश जारी करते हुए तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की है।

मामला रामचंद्रपुर विकासखंड के लुरगी स्थित प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षिका निर्मला जायसवाल से जुड़ा है। आदेश के मुताबिक, शिक्षिका को उनके मूल पदस्थापना स्थल पर वापस करने के दौरान चंद्रभूषण प्रसाद ने उन्हें 50 सीटर छात्रावास, लुरगी के अधीक्षक का प्रभार भी सौंप दिया था। संचालनालय ने इस व्यवस्था को शासन की नीति के विपरीत माना है।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने संलग्नीकरण को लेकर दिशा-निर्देश निर्धारित किए हैं। निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना इस तरह की व्यवस्था करना नियमों का उल्लंघन है। संचालनालय ने संबंधित अधिकारी के इस कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के विपरीत पाया है।

नियमों की अनदेखी के मामले में लोक शिक्षण संचालनालय ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत चंद्रभूषण प्रसाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग सरगुजा निर्धारित किया गया है।