बिलासपुर…मोपका स्थित धान मंडी रोड किनारे जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष विजय केसरवानी की अगुवाई में शुक्रवार को सड़क की बदहाली के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन हुआ। धरना स्थल पर सुबह से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएँ, व्यापारियों और कांग्रेस पदाधिकारियों की भीड़ जुटी रही। भीड़ की आवाज एक ही थी— “सड़क दो, राहत दो!”

प्रदर्शन के दौरान लोगों ने बताया कि मोपका से लेकर आसपास के इलाकों तक सड़कें इतनी जर्जर हैं कि रोजमर्रा की जिंदगी संकट बन गई है। धूल, गड्ढों, दुर्घटनाओं और बिगड़ती सेहत की शिकायतें आम हो चुकी हैं। भीड़ में मौजूद महिलाओं ने कहा कि बच्चों और बुजुर्गों की साँसें तक मुश्किल हो चुकी हैं— “बरसात में कीचड़, गर्मी में धूल… कभी चैन नहीं मिला।”

धरना स्थल से विजय केसरवानी ने प्रदेश सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी, विकास और करोड़ों की बात करने वाली सरकार को जनता की सड़कें दिखती ही नहीं। उन्होंने कहा—समझ में नहीं आता कि सड़क में गड्ढा है या गड्ढे में सड़क। ये शहर कहलाता है या मुसीबतों का मैदान?”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिन इलाकों में आबादी है, वहाँ सड़कें सालों से टूटी पड़ी हैं, जबकि खाली क्षेत्रों में करोड़ों रुपए की नई सड़कें बना दी गईं— “सरकारी धन का खेल समझ से परे है।” केसरवानी ने यह भी कहा कि जिस शहर से लोक निर्माण विभाग के मंत्री और केंद्रीय मंत्री आते हैं, वहाँ यह हाल होना जनता के साथ अन्याय है।

प्रदर्शन में भीड़ द्वारा बार-बार यही सवाल उठता रहा— “टैक्स हम दें, दर्द हम सहें, और सड़कें गायब! आखिर यह कैसा शासन है?

धरना में राजेंद्र शाहू, जगदीश कौशिक, विनोद शाहू, अनिल यादव, साखन दरवे, मोहन श्रीवास, सुनील सोनकर, हितेश देवांगन, नीरज सोनी, अभिषेक यादव, फागूराम बरगाह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन और स्थानीय नागरिक शामिल हुए।

धरना समाप्त होने से पहले कांग्रेस नेतृत्व ने चेतावनी दी कि यदि सड़क निर्माण तुरंत शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा— “अब जनता चुप नहीं बैठेगी।”