किसानों के लिए ‘डेडलाइन बोनस’: MSP पर फसल बेचने का मौका अब 20 अप्रैल तक..शासन ने दिया एक्स्ट्रा टाइम
किसानों के लिए एक्स्ट्रा टाइम: MSP योजना में पंजीयन की नई डेडलाइन 20 अप्रैल

बिलासपुर…रबी सीजन में उपज बेचने की तैयारी कर रहे किसानों के लिए बड़ी राहत सामने आई है। प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान पी.एम. आशा योजना के तहत पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाकर अब 20 अप्रैल 2026 कर दी गई है। पहले यह समय-सीमा 31 मार्च तय थी, लेकिन किसानों की मांग के बाद इसे आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
जिले में इस योजना के अंतर्गत चना, मसूर और सरसों की फसल बेचने के लिए पंजीयन प्रक्रिया जारी है। किसान एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से या फिर अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के जरिए सेवा सहकारी समितियों में आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए ऋण पुस्तिका, बी-1, पी-2, आधार कार्ड और बैंक पासबुक की प्रतियां जमा करनी होंगी।
सरकार ने साफ किया है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर पंजीकृत किसानों की उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जाएगी। यह खरीदी भारत सरकार की नामित एजेंसी नेफेड के माध्यम से की जाएगी। इस वर्ष चना का समर्थन मूल्य 5875 रुपए प्रति क्विंटल, मसूर का 7000 रुपए और सरसों का 6500 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है।
खरीदी और भंडारण के लिए जिले के अलग-अलग विकासखंडों में केंद्र तय किए गए हैं। बिल्हा, मस्तूरी, तखतपुर और कोटा क्षेत्रों की सेवा सहकारी समितियों को इसके लिए अधिसूचित किया गया है। इन केंद्रों पर सप्ताह में पांच दिन, सोमवार से शुक्रवार तक उपज खरीदी जाएगी।
प्रति एकड़ खरीदी की सीमा भी तय की गई है, ताकि अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल सके। तय मानकों के अनुसार चना की खरीदी 6 क्विंटल, मसूर की 2 क्विंटल और सरसों की 5 क्विंटल प्रति एकड़ तक की जाएगी।
पंजीयन की तिथि बढ़ने से उन किसानों को खास राहत मिलेगी, जो किसी कारणवश पहले पंजीयन नहीं करा सके थे। अब उनके पास अपनी उपज को समर्थन मूल्य पर बेचने का अतिरिक्त समय उपलब्ध रहेगा।





