लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने प्रदेश के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के स्वास्थ्य संवर्धन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’ के क्रियान्वयन में प्रदेश सरकार ने रिकॉर्ड गति दर्ज की है।

वाराणसी से बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए योजना के शुभारंभ के महज 22 दिनों के भीतर लगभग 42 प्रतिशत पात्र शिक्षक-कर्मचारियों की ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है।

ये खबर भी पढ़ें…
एमएससी की छात्रा की सनसनीखेज हत्या: किराए के कमरे से मिला शव, रिश्तेदार पर लगा आरोप
एमएससी की छात्रा की सनसनीखेज हत्या: किराए के कमरे से मिला शव, रिश्तेदार पर लगा आरोप
वाराणसी.उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के रोहनिया थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. जगतगंज...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

आगरा से उच्च शिक्षा विभाग को जोड़ने के 4 दिनों में 47% ई-केवाईसी पूर्ण

इसी कड़ी में 26 जुलाई को आगरा से उच्च शिक्षा विभाग को भी इस योजना के दायरे में शामिल किया गया। योजना लागू होने के मात्र चार दिनों के भीतर ही उच्च शिक्षा विभाग के लगभग 47 प्रतिशत पात्र लाभार्थियों की ई-केवाईसी पूर्ण हो चुकी है। ई-केवाईसी की प्रक्रिया संपन्न होते ही शिक्षक और कर्मचारी राज्य सरकार द्वारा सूचीबद्ध (Empaneled) निजी व सरकारी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।

ये खबर भी पढ़ें…
Up: ओपीएस बहाली और टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ गरजीं आवाजें, अटेवा के नेतृत्व में शिक्षकों और कर्मचारियों ने निकाली भव्य तिरंगा यात्रा
Up: ओपीएस बहाली और टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ गरजीं आवाजें, अटेवा के नेतृत्व में शिक्षकों और कर्मचारियों ने निकाली भव्य तिरंगा यात्रा
Up।उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में शुक्रवार को नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) के आह्वान पर अटेवा (All...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

138 दिनों के भीतर तैयार हुआ इंफ्रास्ट्रक्चर, मिशन मोड में लागू

उल्लेखनीय है कि 20 फरवरी 2026 को विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा की थी। इस घोषणा के महज 138 दिनों के भीतर शासन ने योजना का प्रारूप, डिजिटल पोर्टल तैयार करने और अस्पतालों की व्यवस्था समेत सभी प्रशासनिक औपचारिकताएं समयबद्ध तरीके से पूरी कीं।

ये खबर भी पढ़ें…
Who is ias divya mittal : IAS दिव्या मित्तल ने 13 साल बाद इस्तीफा दे दिया
Who is ias divya mittal : IAS दिव्या मित्तल ने 13 साल बाद इस्तीफा दे दिया
Who is ias divya mittal/उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में कुछ नौकरशाहों की पहचान केवल उनकी फाइल वर्क से नहीं,...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

तत्पश्चात 8 जुलाई को वाराणसी से बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए इसका औपचारिक शुभारंभ किया गया और 26 जुलाई को आगरा से उच्च शिक्षा विभाग को भी इससे जोड़ दिया गया।

तीनों शिक्षा विभागों के 12.89 लाख लाभार्थियों को मिलेगा सीधा लाभ आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के तीनों शिक्षा विभागों में कुल 12,89,018 पात्र शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी हैं। इनमें से अब तक 5,40,878 शिक्षक, कर्मचारी और उनके आश्रित ई-केवाईसी पूर्ण कर योजना से जुड़ चुके हैं।

विभागवार प्रगति का विवरण इस प्रकार है:

  • बेसिक शिक्षा विभाग: योजना के तहत कुल 11,03,464 पात्र लाभार्थियों में से अब तक 4,57,390 लोगों ने अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर ली है।
  • माध्यमिक शिक्षा विभाग: कुल 1,47,543 पात्र लाभार्थियों में से 65,754 शिक्षक-कर्मचारियों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है।
  • उच्च शिक्षा विभाग: आगरा में शुभारंभ के 4 दिनों के भीतर ही 47% पात्र लाभार्थियों ने प्रक्रिया पूरी कर ली है।

शासन स्तर पर सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को नियमित समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं, ताकि शत-प्रतिशत पात्र शिक्षकों और कर्मचारियों को जल्द से जल्द इस स्वास्थ्य सुरक्षा कवच से जोड़ा जा सके।