Up।उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में शुक्रवार को नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) के आह्वान पर अटेवा (All Teacher Employee Welfare Association) के बैनर तले एक विशाल तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया।

यह यात्रा पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली तथा राइट टू एजुकेशन (RTE) एक्ट लागू होने से पूर्व नियुक्त सेवारत शिक्षकों पर अनिवार्य की जा रही टीईटी (TET) व्यवस्था के विरोध में निकाली गई थी।

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शिक्षकों और शासकीय कर्मचारियों ने हिस्सा लिया और अपनी मांगों को लेकर जोरदार हुंकार भरी।

यह तिरंगा यात्रा शहर के सोनीधापा मैदान से शुरू होकर विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरी। राष्ट्रभक्ति के नारों और मांगों की गूंज के साथ आगे बढ़ती हुई यात्रा बस अड्डा स्थित पंडित अलगू राय शास्त्री की प्रतिमा स्थल पर पहुंची। वहां महापुरुष की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर यात्रा का विधिवत समापन किया गया।

इसके बाद शाम को प्रतिनिधियों ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा, जिसमें बुढ़ापे की आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अटेवा के मंडलीय मंत्री राजेश सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा में देश का अभिमान निहित है और पुरानी पेंशन योजना में कर्मचारियों का सम्मान। उन्होंने सरकार से शिक्षकों और कर्मचारियों के सामाजिक व आर्थिक भविष्य पर संवेदनशीलता से विचार करने का आग्रह किया।

इसके साथ ही उन्होंने पूर्व से कार्यरत शिक्षकों पर अचानक टीईटी की अनिवार्यता लागू किए जाने को अन्यायपूर्ण करार दिया और सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया।

अटेवा के जिलाध्यक्ष नीरज राय के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न शिक्षक संगठनों का भी पूरा समर्थन मिला। माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट के जिलाध्यक्ष जयराम यादव और अटेवा के जिला महामंत्री बिरजू सरोज ने कहा कि जब तक कर्मचारियों को उनका संवैधानिक हक और पुरानी पेंशन की गारंटी नहीं मिल जाती, तब तक यह लोकतांत्रिक संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।