CG Weather-छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर अपनी पूरी ताकत के साथ सक्रिय होने जा रहा है, जिससे आने वाले कुछ दिन प्रदेशवासियों के लिए भारी बारिश वाले हो सकते हैं। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, 13 से 15 अगस्त के दौरान पूरे प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां काफी तेज रहेंगी।

इस दौरान जहां अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होगी, वहीं कई जिलों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है। अचानक आए इस मौसमी बदलाव से लोगों को पिछले कुछ दिनों से जारी उमस भरी गर्मी से तो राहत मिलेगी, लेकिन लगातार होने वाली बारिश जनजीवन और रोजमर्रा के कामकाज की रफ्तार पर ब्रेक लगा सकती है।

मौसम वैज्ञानिकों ने इस सक्रियता के पीछे के कारणों का खुलासा करते हुए बताया है कि वर्तमान में बंगाल की खाड़ी और बांग्लादेश के आसपास एक प्रभावी कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बना हुआ है। इस सिस्टम के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के वायुमंडल में नमी का प्रवाह काफी बढ़ गया है, जो राज्य में मानसून को फिर से ऊर्जा दे रहा है।

यही वजह है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर तेज बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। विभाग का कहना है कि यह स्थिति मानसून के एक नए और मजबूत दौर की शुरुआत है।

विशेष रूप से 13 अगस्त को प्रदेश के कई प्रमुख जिलों में मानसून का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है।

मौसम विभाग ने धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सूरजपुर, सरगुजा और कोरिया जैसे जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) का भी गंभीर खतरा बना हुआ है। सुरक्षा के मद्देनजर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों से दूर रहने की सख्त सलाह दी है।

बारिश का यह दौर 14 अगस्त को भी थमने के संकेत नहीं दे रहा है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में घने बादल छाए रहेंगे और मध्यम से भारी वर्षा का क्रम बना रहेगा। लगातार बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है, जिससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। मौसम विभाग ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे सफर पर निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।