बिलासपुर। छत्तीसगढ़ विद्युत सेवानिवृत्त कर्मचारी-अधिकारी महासंघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार और पावर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

बिलासपुर में महासंघ ने प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर 11 सूत्रीय मांगों के निराकरण की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

महासंघ के बैनर तले बिलासपुर स्थित क्षेत्रीय मुख्यालय में जुटे सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने पावर कंपनी प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई।

उनका कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं हो पाया है। संगठन ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द निर्णय लेने की अपील की है।

प्रदर्शन के दौरान सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए चिकित्सा सुविधाओं और जरूरी दवाइयों की उपलब्धता का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। महासंघ के सदस्यों का आरोप है कि पावर कंपनी की ओर से समय पर दवाइयां और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।

उनका कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद बढ़ती उम्र में नियमित उपचार और दवाइयों की जरूरत अधिक होती है, ऐसे में सुविधाओं की कमी से परेशानी बढ़ती है।

इसके अलावा तकनीकी संवर्ग के कर्मचारियों के पदोन्नति संबंधी मामलों में कथित भेदभाव का मुद्दा भी उठाया गया। महासंघ ने आरोप लगाया कि पेपर प्रमोशन की प्रक्रिया में पात्र कर्मचारियों के साथ न्याय नहीं हो रहा है। संगठन ने संबंधित मामलों की समीक्षा कर नियमानुसार उचित कार्रवाई करने की मांग की।

महासंघ के पदाधिकारियों के अनुसार, मांगों को लेकर आंदोलन के पहले चरण में 9 अक्टूबर को क्षेत्रीय मुख्यालय में कार्यपालक निदेशक के माध्यम से चेयरमैन को ज्ञापन सौंपा गया था। संगठन का कहना है कि इसके बाद भी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसी के चलते अब दूसरे चरण में प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया है।

महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों का निराकरण नहीं किया गया, तो संगठन का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से सीधे मुलाकात कर समस्याओं से अवगत कराएगा। जरूरत पड़ने पर आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।

कार्यक्रम में महासंघ की क्षेत्रीय इकाई के अध्यक्ष दिनेश बाजपेयी, सचिव संतोष कुमार शर्मा और कोषाध्यक्ष ए. ईश्वर राव ने प्रमुख भूमिका निभाई। इनके अलावा केके. शुक्ला, सलीम बेग, सतीश कुमार गुप्ता, राजेंद्र शर्मा, अनिल शेवालकर और अनुराग श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।