सूरजपुर। उधार के बोझ और पैसों के लालच में एक व्यक्ति ने ऐसी वारदात को अंजाम दिया कि एक ही परिवार के दो लोगों की जान चली गई। पहले उसने शिक्षिका रजनी बरेठ से पैसे मांगे। इनकार करने पर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शिक्षिका के बेटे सुजल बरेठ को भी रास्ते से हटाने की योजना बनाई। उसे कार में बैठाकर घुमाने ले गया और फिर सुनसान जंगल के पास उसकी हत्या कर शव ठिकाने लगाने की कोशिश की। जयनगर के जंगल में मिले सुजल के शव और विश्रामपुर के किराए के मकान में मृत मिली उसकी मां की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने दोनों हत्याओं के आरोप में प्रवेश कुमार को गिरफ्तार किया है।

 

मामले की शुरुआत 10 अक्टूबर को हुई, जब महाबीरपुर के सरपंच महेश प्रसाद ने जयनगर पुलिस को सूचना दी कि कोरयाबारी नर्सरी जंगल के पास कच्ची सड़क किनारे बनी नाली में एक व्यक्ति का शव पड़ा है। पुलिस मौके पर पहुंची तो शव की पहचान नहीं हो सकी। जांच के दौरान मृतक की पहचान सुजल बरेठ के रूप में हुई। पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में सिर और छाती पर चोट पहुंचाकर हत्या किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद 11 अक्टूबर को जयनगर थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया।

 

इसी बीच सुजल के मामा अविनाश बरेठ ने विश्रामपुर थाने पहुंचकर अपनी बहन रजनी बरेठ के लापता होने की जानकारी दी। रजनी एक स्कूल में शिक्षिका थी और अपने बेटे सुजल के साथ ममता कॉलोनी, केशव नगर में किराए के मकान में रहती थी। 9 अक्टूबर से रजनी का मोबाइल बंद आ रहा था। सुजल की हत्या की खबर मिलने के बाद अविनाश विश्रामपुर पहुंचा। रजनी के घर पर बाहर से ताला लगा था। 11 अक्टूबर की रात करीब दो बजे पुलिस की मौजूदगी में ताला तोड़कर घर खोला गया तो रजनी का शव बाथरूम में पड़ा मिला। पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की बात सामने आई। विश्रामपुर थाने में भी हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

 

एक ही परिवार के मां-बेटे की हत्या से पुलिस के सामने दोहरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने की चुनौती थी। पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा के निर्देशन और सूरजपुर पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल की निगरानी में संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन और एसडीओपी अभिषेक पैंकरा के मार्गदर्शन में विश्रामपुर, जयनगर सहित पुलिस की अलग-अलग टीमों और साइबर सेल ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले।

 

जांच में एक फुटेज ऐसा मिला, जिसमें काली टी-शर्ट और सफेद गमछा पहने एक व्यक्ति रजनी के किराए के मकान की ओर जाता दिखाई दिया। वह काफी देर तक वहां रुका था। दूसरे फुटेज में इसी तरह के कपड़े पहने एक व्यक्ति विश्रामपुर के कार वॉशिंग सेंटर पर अपनी कार धुलवाने पहुंचा था। पुलिस ने शहर के दूसरे कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली तो कार का नंबर सीजी 15 ईजी 7101 सामने आया। इसी नंबर के सहारे पुलिस कार मालिक तक पहुंची। संदेह के आधार पर प्रवेश कुमार से पूछताछ की गई तो पुलिस के मुताबिक उसने रजनी और सुजल की हत्या करना स्वीकार कर लिया।

 

पुलिस के अनुसार, आरोपी प्रवेश कुमार की पत्नी और रजनी बरेठ एक ही स्कूल में शिक्षिका थीं। इसी जान-पहचान के कारण प्रवेश का रजनी के घर आना-जाना था। आरोपी ने मोटर पार्ट्स के कारोबार के लिए करीब 20 लाख रुपये का कर्ज लिया था और उसे पैसों की जरूरत थी। उसे पहले से जानकारी थी कि रजनी 19 लाख रुपये का कर्ज लेने वाली है और यह रकम उसके खाते में आने वाली है। पुलिस के मुताबिक, इसी रकम को हासिल करने के लालच में उसने वारदात की योजना बनाई।

 

9 अक्टूबर को आरोपी अपनी कार धुलवाने के लिए विश्रामपुर के वॉशिंग सेंटर पहुंचा। कार को अंदर-बाहर धुलवाने की बात कहकर वह पैदल रजनी के घर गया। वहां सुजल से मोबाइल चार्जर मांगा। चार्जर नहीं होने की बात सुनकर वह लौट गया, लेकिन कुछ देर बाद दोबारा घर पहुंचा और वहीं रुक गया। इस दौरान सुजल घर पर था। शाम को सुजल ट्यूशन पढ़ने चला गया और रजनी ड्यूटी से घर लौट आई।

 

पुलिस के मुताबिक, सुजल के जाने के बाद आरोपी ने रजनी से रुपऐ मांगे। रजनी ने पैसे देने से इनकार कर दिया तो दोनों के बीच झूमा झटकी हुई। आरोपी ने स्टील की पानी की बोतल से उसके सिर पर वार किया। रजनी मुख्य दरवाजे की तरफ भागी, लेकिन आरोपी ने उसे खींचकर बाथरूम की ओर धकेल दिया। वहां शैम्पू की बोतल से उसके सिर पर वार किया और पैर से गला दबाकर करीब दस मिनट तक दबाए रखा। रजनी की मौत के बाद आरोपी ने घर में बिखरे सामान को व्यवस्थित किया और उसका स्टोल लेकर निकल गया।

 

रजनी की हत्या के बाद आरोपी को डर था कि सुजल को घर में हुई घटना की जानकारी मिल सकती है और वह दूसरों को बता सकता है। पुलिस के अनुसार, इसी आशंका में उसने सुजल की भी हत्या करने का फैसला किया। उसने मुंह पर सफेद गमछा बांधा, हेलमेट पहना और रजनी की स्कूटी लेकर निकला। नायरा पेट्रोल पंप के आगे स्कूटी खड़ी कर हेलमेट झाड़ियों में फेंक दिया। इसके बाद वह वापस कार वॉशिंग सेंटर पहुंचा। कार लेकर रजनी के घर जाने वाले तिराहे पर करीब एक घंटे तक इंतजार किया और फिर घर पहुंचा।

 

रात करीब नौ बजे सुजल घर लौटा तो आरोपी ने उसे बताया कि उसकी मां उसके घर पर है। इसके बाद वह सुजल को अपनी कार में बैठाकर ले गया। पुलिस के मुताबिक, दोनों पहले कुम्दा की ओर गए और फिर घूमते हुए अंबिकापुर पहुंचे, जहां आरोपी ने सुजल को मैगी खिलाई। इसके बाद वह उसे राई जंगल की ओर ले गया। वहां बाथरूम जाने के बहाने कार से उतरा और सुजल को भी बाहर बुलाया। आरोपी ने कार का दरवाजा खोलकर सुजल के गले में स्टोल कस दिया और उस पर मुक्कों से वार किया। सुजल जान बचाकर भागने लगा तो आरोपी ने सड़क किनारे पड़े सीमेंट के खंभे के टुकड़े से उसके सिर और छाती पर वार कर दिया। सुजल की मौत के बाद आरोपी ने शव कार में रखा और उसे ठिकाने लगाने के लिए अलग-अलग जगह तलाशता रहा। पुलिस के मुताबिक, बाद में उसने सुजल का शव कालीघाट की ओर फेंक दिया।

 

हत्या के बाद आरोपी ने सबूत छिपाने की भी कोशिश की। सुजल के दोनों मोबाइल अपने घर की रसोई की दराज में छिपा दिए, जबकि रजनी का मोबाइल अंबिकापुर स्थित अपने ससुराल में रख दिया। पुलिस ने आरोपी के विश्रामपुर स्थित घर से सुजल के दोनों मोबाइल बरामद किए। अंबिकापुर में रजनी का मोबाइल सिम सहित मिला। वहां पुलिस को रजनी का आधार कार्ड, पैन कार्ड, चेक, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान पत्र, एटीएम कार्ड और सोने-चांदी के आभूषण भी मिले।

 

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने वारदात में इस्तेमाल की गई कार को जयनगर के कार वॉशिंग सेंटर में धुलवाया था। कार की मैट पर खून लगा था, जिसे उसने जला दिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर राई जंगल से सुजल की एक चप्पल, वारदात में इस्तेमाल ग्रैंड विटारा कार, सीमेंट के खंभे का टुकड़ा और रजनी के सिर पर वार करने में इस्तेमाल स्टील की पानी की बोतल जब्त की है।

 

पुलिस ने आरोपी की पहचान परवेश उर्फ प्रवेश कुमार, पिता गुरदित मल, उम्र 36 वर्ष, मूल निवासी राजीव कॉलोनी, कैथल रोड, करनाल, हरियाणा और वर्तमान निवासी चोपड़ा कॉलोनी, विश्रामपुर के रूप में बताई है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

 

इस दोहरे हत्याकांड की जांच में विश्रामपुर थाना प्रभारी विकास देशमुख, जयनगर थाना प्रभारी अमित गुप्ता, झिलमिली थाना प्रभारी सरफराज फिरदौसी, एसआई पीयूष चन्द्राकर, पीएसआई पवन झा, कपिल, रंजना, एएसआई अरुण गुप्ता, राकेश यादव, करंजी चौकी प्रभारी विशाल मिश्रा सहित पुलिसकर्मियों और साइबर सेल अंबिकापुर की टीम की भूमिका रही।