Cg news।कोंडागांव: छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिला मुख्यालय स्थित पीएमश्री प्राथमिक शाला डीपोपारा में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित पालकों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पालकों का सीधा आरोप है कि स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी है, जिसके चलते बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह ठप पड़ी हुई है।

कई बार लिखित आवेदन और गुहार लगाने के बावजूद जब शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई सुध नहीं ली, तो आखिरकार पालकों को उग्र कदम उठाते हुए तालाबंदी का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

एक शिक्षिका के भरोसे पूरा स्कूल, दूसरी लंबे समय से अस्वस्थ —प्रदर्शन कर रहे पालकों ने बताया कि पहली से लेकर पांचवीं कक्षा तक के मासूम बच्चों को पढ़ाने के लिए पूरे स्कूल में केवल दो ही शिक्षक पदस्थ किए गए हैं।

विडंबना यह है कि इन दो में से एक शिक्षिका हिना कश्यप गंभीर स्वास्थ्य कारणों के चलते लंबे समय से नियमित रूप से स्कूल नहीं आ पा रही हैं। ऐसी स्थिति में पूरे स्कूल की सभी पांचों कक्षाओं को संभालने और बच्चों को पढ़ाने का पूरा जिम्मा केवल एक ही शिक्षिका के कंधों पर आ गया है। एक शिक्षक के भरोसे प्रशासनिक कार्य और पांचों कक्षाओं की पढ़ाई एक साथ संचालित होना असंभव हो गया है, जिससे बच्चों का शैक्षणिक स्तर लगातार गिर रहा है।

जिला मुख्यालय का यह हाल, तो अंदरूनी इलाकों में क्या होगा?—-आक्रोशित पालकों ने शासन और प्रशासन की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब जिला मुख्यालय जैसे प्रमुख क्षेत्र में स्थित प्रतिष्ठित ‘पीएमश्री स्कूल’ की यह दयनीय स्थिति है, तो जिले के दूरस्थ और पहुंचविहीन ग्रामीण इलाकों के स्कूलों का क्या हाल होगा, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

पालकों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक स्कूल में पर्याप्त और नियमित शिक्षकों की पदस्थापना नहीं कर दी जाती, तब तक उनका यह विरोध प्रदर्शन और तालाबंदी जारी रहेगी।