CG NEWS:बिलासपुर (मनीष जायसवाल)  । प्रदेश का मंत्रिमंडल पूर्ण नहीं है। दो मंत्री कम है।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के पास विभागो के दायित्व की लंबी लिस्ट है। कई तरह के कार्यों का बोझ भी अलग है।  वहीं काम के बोझ की वजह से सबसे अधिक प्रेशर में स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग है..! इन दोनों विभाग के अफसर और कर्मचारी यदि सरकारी सेवा के नियमों में बंधे नहीं रहते तो अब तक अपने लिए पूर्ण कालिक मंत्री की नियुक्ति के भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख नेताओं और मुख्यमंत्री को कई बार ज्ञापन सौंप चुके होते । बात आंदोलन तक पहुंच चुकी होती ..!

विरोध के स्वर इस बात को लेकर भी है कि लगभग साठ से सत्तर लाख स्कूल से लेकर महाविद्यालय तक के छात्र से लेकर अधिकारी कर्मचारी तक के इतने बड़े मानव संसाधन के वर्तमान से लेकर भविष्य तक की नीतियां पूर्णकालिक स्कूल शिक्षा मंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री के बिना सिर्फ मुख्यमंत्री की ओर से समय-समय पर की जाने वाली विभागीय समीक्षा बैठक के आधार पर चल रही है..। ये दोनों विभाग अफसरों के भरोसे है विभाग में अफसरशाही हावी है..।

चर्चा में दबी जुबान में यह भी कहा जा रहा है कि अधूरे मंत्रिमंडल को लेकर भारतीय जनता पार्टी का गणित सत्ता में भागीदारी के संतुलन को बनाए रखने का या किसी और मकसद से कोई नया सूत्र तलाश रहा हो लेकिन इसमें नुकसान तो आम जनता का हो रहा है। वहीं भारतीय जनता पार्टी के आम कार्यकर्ताओं से इस विषय पर पूछा जाए तो वे कहने से बचते है पर कई तरह की बातें सुनाई भी देती है।
इसके अलावा स्कूल शिक्षा विभाग और उच्च शिक्षा विभाग में पूर्ण कालिक मंत्री नहीं होने की वजह से इन दोनों विभागों के अधिकारी कर्मचारी मोदी की गारंटी के तहत लाभकारी योजनाओं के लागू होने का सिर्फ ही सपना देख रहे है। इनके मुद्दे अभी सिर्फ ज्ञापन तक ही सिमटे हुए है..!