CG।छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में 4 से 5 साल के मासूम जितेन्द्र राम की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी बासुदेव उर्फ टंगनू (27) बच्चे को बहलाकर अपने साथ ले गया था।

आरोप है कि उसने बच्चे को शराब पिलाई और उसके सो जाने के बाद चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी। इसके बाद बच्चे के शरीर से किडनी, फेफड़े और आंखें निकालकर प्लास्टिक की बाल्टी में रख दिए।

आरोपी ने शव को कंबल और गोधड़ी में लपेटकर बोरी में भरा और खेत में पानी से भरे गड्ढे में दफना दिया। मामला सन्ना थाना क्षेत्र का है।

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर बच्चे का शव, वारदात में इस्तेमाल चाकू और फावड़ा, बाल्टी में रखे अंग तथा मोबाइल फोन जब्त किया है।

आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने जल्दी और ज्यादा पैसा कमाने की चाह में इस वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की है।

पुलिस के मुताबिक, रामजीत राम ने 7 नवंबर को सन्ना थाने में अपने 4-5 साल के बेटे जितेन्द्र के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रामजीत करीब एक साल पहले अपने परिवार के साथ मजदूरी करने सन्ना आया था।

परिवार आमटचुआ नदी डेम के पास बनी झोपड़ी में रहता था। आरोपी बासुदेव उर्फ टंगनू का परिवार के घर आना-जाना था। वह रिश्ते में रामजीत का ममेरा भाई लगता था। पुलिस के अनुसार, इसी परिचय का फायदा उठाकर आरोपी बच्चे को अपने साथ ले गया।

खेत के गड्ढे में मिली बोरी में बंद बच्चे की लाश

बच्चा घर नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान एक व्यक्ति ने बताया कि उसने जितेन्द्र को बासुदेव के साथ खेत में बनी झोपड़ी की ओर जाते देखा था। परिवार ने आसपास के गांवों और खेतों में खोजबीन की, लेकिन बच्चे का कोई पता नहीं चला।

7 नवंबर की सुबह परिजन एक बार फिर बच्चे की तलाश में निकले। इसी दौरान सन्ना गांव के एक खेत में मक्का बाड़ी की मेड़ के पास पानी से भरे गड्ढे में एक बोरी दिखाई दी। बोरी खोलने पर उसमें कंबल और गोधड़ी में लिपटा बच्चे का शव मिला। शव को मिट्टी से दबाया गया था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

जल्दी पैसा कमाने के लिए सोशल मीडिया पर खोजता था तरीके

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और संदेह के आधार पर बासुदेव उर्फ टंगनू को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, आरोपी करीब एक साल पहले मजदूरी करने सन्ना आया था। वह एक व्यक्ति के खेत में सब्जियां उगाने का काम करता था और वहीं बनी झोपड़ी में रहता था।

पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह मजदूरी से मिलने वाली रकम से संतुष्ट नहीं था। वह कम समय में ज्यादा पैसा कमाना चाहता था और इसके लिए सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरीके खोजता रहता था। इसी दौरान उसके मन में बच्चों के शरीर के अंग निकालकर बेचने का विचार आया। पुलिस के अनुसार, इसी सोच के तहत उसने मासूम की हत्या की योजना बनाई।

शराब और मुर्गा खरीदकर बच्चे को झोपड़ी में ले गया

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बच्चे को बहलाकर गुलाम अंसारी के खेत में बनी झोपड़ी में पहुंचाया। इसके बाद वह उसे महानदी डेम के पास सौर ऊर्जा प्लेट के नीचे और जंगल की ओर घुमाता रहा। बाद में सन्ना खुटाटांगर पहुंचकर उसने शराब और मुर्गा खरीदा। आरोपी झोपड़ी में लौटा और मुर्गा बनाया। पुलिस के अनुसार, उसने बच्चे को भी शराब पिलाई। बच्चे के नशे में सो जाने के बाद चाकू से उसका गला रेत दिया।

शरीर से अंग निकालकर बाल्टी में रखे, शव को गड्ढे में छिपाया

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि हत्या के बाद उसने बच्चे के सीने और पेट को चाकू से काटकर किडनी, फेफड़े और आंखें निकाल लीं। इन अंगों को प्लास्टिक की बाल्टी में रखा। इसके बाद शव को कंबल और गोधड़ी में लपेटकर बोरी में भरा और बहादुर के खेत में पानी से भरे गड्ढे में डालकर मिट्टी से ढक दिया।

आरोपी ने वारदात में इस्तेमाल चाकू, फावड़ा और अंगों से भरी बाल्टी को भी बांस के झुरमुट के पास गड्ढा खोदकर छिपा दिया था। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर इन सभी सामानों को बरामद किया।

आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया

पुलिस ने बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद आरोपी बासुदेव उर्फ टंगनू (27), पिता अमृत, निवासी ग्राम चलनी गोर्रापाठ को गिरफ्तार कर लिया। उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।