बेमेतरा छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के 10वें प्रांतीय सम्मेलन में बिलासपुर के कवि एवं डेटा साइंटिस्ट डॉ. अंकुर शुक्ला ‘खावर’ द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की सहायता से तैयार ‘छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग का गीत एवं गान’ की विशेष प्रस्तुति दी गई। सम्मेलन में यह प्रस्तुति छत्तीसगढ़ी भाषा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के अभिनव प्रयोग के रूप में गहन चर्चा का विषय रही।

सम्मेलन के विशेष सत्र ‘सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया अउ AI म छत्तीसगढ़ी’ में अपने विचार रखते हुए डॉ. अंकुर शुक्ला ने बताया कि एआई और डिजिटल तकनीक के माध्यम से छत्तीसगढ़ी भाषा के साहित्य, लोक-अभिव्यक्तियों, शब्द-संपदा और सांस्कृतिक विरासत को नए माध्यमों में संरक्षित एवं प्रसारित किया जा सकता है।

AI की सहायता से तैयार राजभाषा आयोग के गीत एवं गान के माध्यम से उन्होंने यह प्रदर्शित किया कि क्षेत्रीय भाषाओं में रचनात्मक अभिव्यक्ति और डिजिटल अभिलेखीकरण के लिए नई तकनीकों का उपयोग किस प्रकार किया जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि डॉ. शुक्ला प्रबंधन में PhD तथा IIM कोझिकोड से प्रशिक्षित डेटा साइंस विशेषज्ञ हैं और वर्तमान में ExonBot Services के CEO हैं। अपनी तकनीकी विशेषज्ञता के साथ-साथ वे ‘खावर’ उपनाम से हिंदी ‘नई कविता’ तथा उर्दू ग़ज़ल-नज़्म के गंभीर रचनाकार भी हैं।

छत्तीसगढ़ी भाषा को AI, डेटा साइंस और भाषा-प्रौद्योगिकी से जोड़ने की दिशा में डॉ. शुक्ला के निरंतर प्रयासों को सम्मेलन में विशेष रूप से रेखांकित करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया।